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उन्नाव दुष्कर्म मामला: 11 सितंबर से बंद कमरे में दर्ज होंगे पीड़िता के बयान 

Sun, 08 Sep 2019 06:38 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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अदालत ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता के बयान दर्ज कराने के लिए एम्स के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में अस्थायी कोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं। शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने एम्स के ट्रॉमा सेंटर में जाकर पीड़िता का बयान दर्ज करने को मंजूरी दी थी।

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तीस हजारी कोर्ट के जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने शनिवार को एम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को ट्रॉमा सेंटर में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के बयान दर्ज करने के आदेश दिए। आदेश में कहा गया है कि मामले की सुनवाई खुद न्यायाधीश धर्मेश शर्मा करेंगे। इस दौरान आम लोगों और प्रेस का प्रवेश वर्जित रहेगा। 

अदालत ने पीड़िता का ख्याल रखने के लिए अनुभवी नर्स को तैनात करने के लिए कहा है। बयान 11 सितंबर से दर्ज किए जाएंगे। पीड़िता का इलाज कर रहे कर्मियों को आदेश दिए गए हैं कि वे हर सुनवाई वाले दिन सुबह 10 बजे कोर्ट में उपस्थित हों और पीड़िता के स्वास्थ्य की रिपोर्ट पेश करें।
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इस दौरान कोर्ट के सभी सीसीटीवी कैमरे भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। गत 28 जुलाई को एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। दुष्कर्म के इस मामले में भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर आरोपी हैं।

सर्वोच्च अदालत के निर्देश पर पीड़िता को लखनऊ के अस्पताल से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था। उन्नाव कांड से संबंधित मुकदमों की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने हाल ही में उच्च न्यायालय को एक पत्र लिखकर एम्स के एक बंद कमरे में अदालत की कार्यवाही कर पीड़ित युवती के बयान दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

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