नए रूटों पर छोटे-बड़े वाहनों को उपयोगिता के हिसाब से चलाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी के लिए छोटे सार्वजनिक वाहनों की उपयोगिता को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। साथ ही, उन रूटों से वाहनों को हटाया भी जाएगा, जहां यात्रियों के लिए उपयोगिता न के बराबर है।
शोध पर खर्च किए गए दो करोड़ रुपये
डिम्ट्स ने दिल्ली के सभी रूटों को सुव्यवस्थित करने के लिए शोध पर दो करोड़ रुपये खर्च किए हैं। दिल्लीवासियों को बेहतर सुविधा देने के लिए सभी रूटों का आंकलन कई चरणों में पूरा किया गया है। इस आकलन के तहत निर्धारित होने वाले रूटों के लिए निजी सार्वजनिक वाहन चालकों को नए सिरे से आवेदन करने होंगे।
15 दिन में शुरू हो सकती है टेंडर प्रक्रिया
डिम्ट्स की रिपोर्ट के तहत निर्धारित रूटों पर वाहन चलाने के संबंध में अगले 15 दिनों में परिवहन विभाग टेंडर प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इस प्रक्रिया के तहत एक एप्लीकेशन बनाने की बात भी सामने आ रही है, जिसके जरिये लोगों से रूटों पर वाहन चलाने के संबंध में आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद रूटों की उपयोगिता के हिसाब से वाहनों को चलाने के लिए अनुमति प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत पांच-छह महीने में संशोधित या नए रूटों पर सार्वजनिक वाहनों को चलाया जा सकता है।