यमुना प्राधिकरण आवंटियों को बृहस्पतिवार से तीन सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। जिन आवंटियों ने अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं कराई है वे बिना विलंब शुल्क के 30 जून तक रजिस्ट्री करा सकते हैं। वहीं, जिन आवंटियों के प्लॉट किसी कारण से शिफ्ट किए गए हैं, उन्हें प्लॉट की रजिस्ट्री कराने पर स्टांप शुल्क का आधा पैसा यीडा वहन करेगा।
इसके अलावा बकायेदार संपत्ति का बकाया 25 फरवरी तक री-शेड्यूल करा सकते हैं। ये तीनों ही फैसले 21 दिसंबर को बोर्ड बैठक में लिए गए थे, लेकिन इनके कार्यालय आदेश बुधवार को जारी हुए हैं।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने चार आवासीय योजनाओं के जरिये 23,950 आवंटियों को प्लॉट आवंटित किए हैं। पहली आवासीय भूखंड योजना में 21 हजार, दूसरी आवासीय योजना में 831, लेफ्टआउट आवासीय योजना एक में 1638 व लेफ्टआउट आवासीय योजना दो में 481 आवंटी शामिल हैं।
इनमें से बहुत से आवंटी ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक रजिस्ट्री नहीं कराई है। अब वे बिना विलंब शुल्क के 30 जून तक रजिस्ट्री करा सकते हैं। मालूम हो कि विलंब शुल्क के रूप में पहले साल संपत्ति की कुल कीमत का एक फीसदी लगता है। उसके बाद हर साल एक फीसदी और विलंब शुल्क जुड़ता जाता है।
यीडा की पहली आवासीय योजना 2009 के सेक्टर-20 स्थित आई व जे पॉकेट के आवंटियों को सेक्टर-18 में शिफ्ट किया गया है। यीडा सेक्टर-20 में जमीन विवाद के कारण कब्जा नहीं दे पा रहा था। ये आवंटी सेक्टर के प्लॉट की रजिस्ट्री पहले ही करा चुके हैं। अब उन्हें नया प्लॉट मिल गया। इनकी फिर से रजिस्ट्री करानी पड़ेगी।
इस पर लगने वाले स्टांप शुल्क का आधा खर्च यीडा खुद वहन करेगा। बाकी आधा आवंटी को देना पड़ेगा। हालांकि, आवंटी इसका भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्राधिकरण की गलती से प्लॉट शिफ्ट हुआ, इसलिए प्राधिकरण ही पूरा खर्च वहन करे। इसके अलावा जिन आवंटियों का भुगतान बाकी हैं।
वे 25 फरवरी तक 15 फीसदी रकम जमा करके री-शेड्यूलमेंट करा सकते हैं। बाकी किस्तें री-शेड्यूल हो जाएंगी। इस पर भी यीडा बोर्ड से 21 दिसंबर को निर्णय हुआ था। इसका लाभ बिल्डर, संस्थागत समेत अन्य आवंटियों को भी होगा।
आवंटियों को राहत देने के लिए बोर्ड के फैसलों से जुड़ा कार्यालय आदेश जारी हो गया है। आवंटी बिना विलंब शुल्क के रजिस्ट्री, शिफ्ट हुए प्लॉट पर आधा शुल्क यीडा के देने और री-शेड्यूलमेंट का लाभ ले सकते हैं।
- शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी, यमुना प्राधिकरण