दिल्ली के चुनाव प्रचार में भाजपा और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने पूरी ताकत झोंक दी है जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली के प्रचार से दूर हैं। वे मंगलवार को राजस्थान में युवा आक्रोश रैली संबोधित कर रहे थे। इसके बाद राहुल अपने नए संसदीय क्षेत्र वायनाड में भी एक रैली को संबोधित करेंगे, लेकिन दिल्ली उनके प्राथमिकता में नहीं है।
राहुल झारखंड चुनाव में भी स्टार प्रचारकों की सूची में थे लेकिन वहां नहीं गए थे। दिल्ली में चुनाव प्रचार के लिए अब नौ दिन शेष हैं और अभी तक राहुल गांधी का कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। राहुल कब और कितने विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे अभी तय नहीं है। सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी का भी दिल्ली प्रचार के लिए कोई कार्यक्रम अभी नहीं आया है।
दरअसल राहुल गांधी को फिर से अध्यक्ष पद की बागडोर सौंपने और देश भर में उन्हें सक्रिय और आक्रामक तेवर में दिखाने के लिए पार्टी ने विभिन्न राज्यों में उनकी रैलियां आयोजित करने और खासकर युवाओं से जोडने की रणनीति बनाई है। इसी क्रम में पहली रैली जयपुर में रखी गई।
राहुल पार्टी अध्यक्ष का पद कब तक स्वीकार करेंगे इसे लेकर कोई तारीख तो तय नहीं है लेकिन उम्मीद है कि बजट सत्र के बाद पार्टी नए अध्यक्ष के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी। कुछ राज्यों को छोड़कर लगभग सभी जगह सदस्यता अभियान पूरा हो चुका है। राज्यों से राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए प्रतिनिधियों का चयन होने के बाद चुनाव कराए जाएंगे।