डीयू की समिति ने कहा नियमों का उल्लंघन हुआ
-विश्वविद्यालय के तय मानकों से हटकर नियुक्तियां करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया विवादों में है। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की ओर से गठित एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। समिति ने आरोप लगाया है कि कॉलेज ने विश्वविद्यालय के तय शॉर्टलिस्टिंग मानकों का पालन नहीं किया।
रिपोर्ट के अनुसार, नियमों का उल्लंघन हुआ। अपात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति मिली। डीयू की कार्यकारी परिषद ने 29 अप्रैल को मामले का संज्ञान लिया। रजिस्ट्रार ने प्रिंसिपल को नियुक्ति पत्र जारी न करने की सलाह दी। जांच के लिए एक समिति गठित की गई। समिति ने कॉलेज से मानक और उम्मीदवारों की सूची मांगी। पर कॉलेज ने जानकारी नहीं दी। समिति ने पाया कि सामान्य श्रेणी के लिए न्यूनतम अकादमिक स्कोर 55 से घटाकर 50 अंक किया गया। साथ ही, विश्वविद्यालय के नियमों के विपरीत प्रति रिक्ति 70 उम्मीदवारों को बुलाया गया। समिति ने डीयू के भर्ती नियमों का पालन करने पर जोर दिया है।
कॉलेज का तर्क और विश्वविद्यालय का रुख
कॉलेज ने कहा कि अल्पसंख्यक संस्थान होने के कारण उसे चयन प्रक्रिया तय करने का अधिकार है। कॉलेज ने यूजीसी के 2018 के नियमों का भी हवाला दिया। वहीं, विश्वविद्यालय का कहना था कि कॉलेज को मंजूर भर्ती मानकों का पालन करना जरूरी है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेज ने नौ मई 2026 को चयन परिणाम घोषित किए। अगले दिन चयनित उम्मीदवारों को जॉइनिंग के लिए बुलाया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी जॉइनिंग
13 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि चयन समिति की सिफारिशों को अदालत की अनुमति के बिना लागू न किया जाए। रिपोर्ट में इसके बाद भी जॉइनिंग प्रक्रिया जारी रखने पर सवाल उठाए हैं। समिति ने भर्ती प्रक्रिया में डीयू के भर्ती नियमों का पालन करने पर जोर दिया है। समिति ने पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन की सिफारिश की है।