st. stephen hospital
दिल्ली के नामी सेंट स्टीफन अस्पताल की लापरवाही से हार्ट फेलियर से ग्रसित महिला की उचित उपचार न मिलने से मौत हो गई थी। इस मामले में फैसला सुनाते हुए फोरम ने टिप्पणी की कि जीवन की क्षति किसी भी तरीके से पूरी नहीं की जा सकती, लेकिन मृतका के परिजनों और चाहने वालों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए अस्पताल जिम्मेदार है।
फोरम ने अस्पताल को आदेश किया कि वह पीड़ित परिवार के मानसिक उत्पीडन की भरपाई के लिए 6.54 लाख रुपये का मुआवजा दे। गाजियाबाद निवासी ओम प्रकाश सेठ ने कश्मीरी गेट स्थित सेंट स्टीफन अस्पताल के खिलाफ फोरम में शिकायत दायर की थी।
उन्होंने बताया कि 5 जनवरी 2012 को उन्होंने 70 वर्षीय पत्नी को सांस लेने में परेशानी होने के कारण सेंट स्टीफन अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती हुई तब वह होश में थीं और चलने-फिरने के साथ बातें भी कर रही थीं।
अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी ह्रदय संबंधी कई बीमारियों से ग्रसित हैं। उनकी पत्नी का ईको टेस्ट 5 जनवरी को ही करना तय हुआ था, लेकिन लापरवारी के कारण 12 जनवरी को किया गया।
उनका कहना है कि उनकी पत्नी का हार्ट फेल होने की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें कार्डियक आईसीयू में भर्ती नहीं किया और न ही ह्रदय रोग विशेषज्ञ ने उनका उपचार किया। 12 जनवरी को डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की हालत और बिगड़ गई।