लखनऊ जैसी घटना नोएडा में भी पहले हो चुकी है। 3 फरवरी 2018 को पर्थला खंजरपुर निवासी जिम ट्रेनर जितेंद्र यादव को भी ट्रेनी सब इंस्पेक्टर विजय दर्शन ने चेकिंग के नाम पर गोली मार दी थी। घटना के बाद काफी विवाद हुआ था।
इसके बाद सब इंस्पेक्टर विजयदर्शन सहित पुलिसकर्मी संजय टमटा, पंकज व नरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। विजयदर्शन अभी भी जेल में है। घायल जिम ट्रेनर जितेंद्र यादव के भाई धर्मेंद्र का कहना है कि पुलिस की गोली से घायल भाई की हालत अभी भी खराब है। वह कोई काम करने के लायक नहीं हैं। बेड पर ही पड़े रहते हैं। पुलिस वालों ने भाई की जिंदगी खराब कर दी है।