दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने स्पेक्ट्रम टेक्नो प्रोजेक्ट प्राइवेट लि. के बिल्डर पंकज जांगिरा को गिरफ्तार किया है। बिल्डर पर हरिद्वार में फ्लैट्स देने के नाम पर एक युवती व उसके पिता से करीब तीन करोड़ रुपये ठगने का आरोप है। आरोपी ने युवती को गारंटी के रूप में नोएडा के एक प्रोजेक्ट के तहत प्रॉपर्टी के जो कागजात दिए थे वह भी फर्जी निकले।
ईओडब्ल्यू ने बिल्डर पंकज को मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस अधिकारियों की माने तो प्रोजेक्ट में निवेश करने वालों की संख्या अधिक हो सकती है, हालांकि ईओडब्ल्यू के पास अभी तीन शिकायतकर्ता ही सामने आए हैं।
ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सुभाशीष चौधरी ने बताया कि डॉ. इंदू सिन्हा ने शिकायत में कहा था कि उसने अपने पिता के साथ रियल एस्टेट फर्म मै. स्पेक्ट्रम टेक्नो प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड में निशांत खंडेलवाल के जरिए करीब 2.3 करोड़ रुपये निवेश किए थे। इस रियल एस्टेट फर्म का मालिक पंकज जांगिरा है और उसने व उसके पिता ने स्पेक्ट्रम टेक्नो द्वारा हरिद्वार में शुरू किए जाने वाले संस्कृति प्रोजेक्ट में करीब 16 फ्लैट्स बुक कराए थे।
उन्होंने स्पेक्ट्रम टेक्नो में जो पैसे निवेश किए थे इनकी गारंटी के रूप में निशांत खंडेलवाल ने ग्रेटर नोएडा में स्थित वर्द्घमान आई-वैली नामक प्रोजेक्ट के तहत एक प्रॉपर्टी के कागजात दिए थे। बाद में पता लगा कि दिए गए कागजात फर्जी हैं। डाक्टर इंदू सिन्हा को ये भी पता लगा कि स्पेक्ट्रम टेक्नो प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा हरिद्वार में न तो कोई प्रोजेक्ट शुरू किया गया और न ही प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीदी गई। प्रोजेक्ट शुरू करने के नाम पर उनसे पैसे ठग लिए।
ईओडब्ल्यू के पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में वर्ष 2018 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। स्पेक्ट्रम टेक्नो के मालिक पंकज जांगिरा को पूछताछ के लिए कई बार बुलाया गया। उसे सोमवार केे भी पूछताछ के लिए ईओडब्ल्यू कार्यालय बुलाया गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस निशांत खंडेलवाल की तलाश कर रही है।