- 13,033 बूथों पर घर-घर पहुंचे बीएलओ, 5 अगस्त को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची, 7 अक्तूबर को प्रकाशित होगी अंतिम सूची
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) अभियान की शुरुआत मंगलवार से हो गई। पहले दिन बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना (इन्यूमरेशन) फॉर्म वितरित किए। कई मतदाताओं ने फॉर्म भरने की प्रक्रिया और आवश्यक जानकारियों को लेकर अधिकारियों से सवाल भी पूछे। चुनाव आयोग का यह अभियान पूरे जुलाई माह चलेगा।
बीएलओ के अनुसार पहले दिन अभियान को लेकर लोगों का रुख सकारात्मक रहा, लेकिन कई व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आईं। कई घर बंद मिले, जबकि कुछ परिवार दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक घर पर तीन बार जाने का प्रावधान है। यदि कोई परिवार नहीं मिलता है तो उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संपर्क कर अभियान की जानकारी दी जाएगी।
हेल्पलाइन पर फोन कर बीएलओ को बुला सकते हैं घर
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को भीषण गर्मी के कारण घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करने में कठिनाई हुई। कुछ स्थानों पर पुरुष सदस्य घर पर नहीं होने के कारण परिवार के अन्य सदस्य अधिकारियों से बातचीत करने में हिचकिचाते नजर आए। ऐसे मामलों में बीएलओ ने लोगों से अपनी पहचान बताकर सहयोग मांगा। अधिकारियों ने मतदाताओं से किसी भी प्रकार की जानकारी या शिकायत के लिए चुनाव आयोग की हेल्पलाइन 1950 का उपयोग करने की अपील की है। इस हेल्पलाइन पर बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा भी उपलब्ध है। राजधानी की सभी 70 विधानसभा सीटों के 13,033 मतदान केंद्रों पर यह अभियान एक साथ शुरू किया गया है। चुनाव आयोग ने 13 हजार से अधिक बीएलओ को इस कार्य में लगाया है।
मतदाताओं को मिलेगी रसीद
अभियान के तहत प्रत्येक मतदाता को गणना फॉर्म की दो प्रतियां दी जा रही हैं। एक प्रति मतदाता के पास रसीद के रूप में रहेगी, जबकि दूसरी बीएलओ के पास जमा होगी। फॉर्म के साथ किसी प्रकार का दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि फॉर्म जमा करना अनिवार्य होगा। जिन मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं होंगे, उनके नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। अंतिम मतदाता सूची 7 अक्तूबर को प्रकाशित की जाएगी। राजधानी में 1,45,10,298 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 77.11 लाख पुरुष और 67.98 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। वर्ष 2002 के बाद दिल्ली में आकर बसे मतदाताओं को उस राज्य की अंतिम विशेष गहन पुनरीक्षण संबंधी जानकारी भी देनी होगी, जहां वे पहले मतदाता के रूप में पंजीकृत थे। चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए ऑनलाइन फॉर्म जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।