विशेष एनआईए अदालत ने सात आरोपियों डॉ. अदील अहमद, डॉ. शाहीन सईदा, डॉ. मुजम्मिल, अमीर राशिद अली, जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश, सोयब और मुफ्ती इरफान की न्यायिक हिरासत 8 जनवरी तक बढ़ा दी। इससे पहले एनआईए ने 9वीं गिरफ्तारी की थी।
पटियाला हाउस कोर्ट ने लालकिला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिनों तक बढ़ा दी है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी आरोपियों को 8 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण कड़ी निगरानी में सुना गया।
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अदालत ने जिन सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाई है, उनमें डॉ. अदील राथर, डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. शाहीन सईद, मौलवी इरफान अहमद वागे, जासिर बिलाल वानी, आमिर राशिद अली और सोयब शामिल हैं। इससे पहले अलग-अलग तारीखों पर इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जिसकी अवधि अब समाप्त हो गई थी।
एनआईए ने सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। सुरक्षा कारणों से मीडिया को अदालत की कार्रवाई कवर करने की अनुमति नहीं दी गई। आरोपियों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के सामने पेश किया गया, जिन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया।
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जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में एक संगठित आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। डॉक्टरों के एक समूह द्वारा संचालित एक आतंकी मॉड्यूल पिछले साल से एक आत्मघाती हमलावर की तलाश में था। इस साजिश का मुख्य योजनाकार उमर-उन-नबी बताया जा रहा है, जिसने विस्फोटक से भरी एक कार के जरिए 10 नवंबर को लाल किले के बाहर धमाका किया था।