बोल बम के जयकारों के बीच कांवड़ियों के जत्थे फरीदाबाद के रास्ते से गुजरने लगे हैं, लेकिन अब तक स्थानीय पुलिस की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि रविवार यानी आज से कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ने लगेगी।
कांवड़ियों की सुरक्षा और जाम से निपटने के लिए आगरा कैनाल के किनारे आउटर रोड पर बैरियर और रस्सियां लगाकर अलग से गलियारा बनाया जाएगा। कालिंदी कुंज मार्ग से नहर के किनारे पल्ला पुल होकर कांवड़ियों ने फरीदाबाद में प्रवेश करना शुरू कर दिया है।
हर साल हजारों कांवड़ यात्री हिंडन गाजियाबाद के रास्ते ओखला पक्षी विहार नोएडा, ओखला बैराज, कालिंदी कुंज होते हुए आगरा नहर के किनारे बनी सड़क से फरीदाबाद आते हैं और यहां से हरियाणा व राजस्थान के लिए रवाना होते हैं।
कांवड़ यात्रियों की भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था न बिगड़े, इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अलग गलियारा बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए पांच हजार से ज्यादा मिट्टी से भरी बोरियों, रस्सियों और बैरियरों का इंतजाम किया जाएगा। आईएमटी तक करीब 300 रिफ्लेक्टर पोल लगाए जाएंगे।
जरूरत पड़ी तो होगी वाहनों की नो एंट्री
कालिंदी मार्ग से नहर किनारे आईएमटी की ओर जाने वाले कावंड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रख वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर ही ऐसा किया जाएगा। 21 जुलाई तक भारी वाहनों की आवाजाही कांवड़ मार्ग पर नहीं होगी। रविवार से भारी वाहनों की नो एंट्री लागू होगी। इस मार्ग पर फरीदाबाद से नोएडा के बीच आवाजाही करने वाले वाहनों का अत्यधिक दबाव होता है। ऐसे में वाहन चालकों को 21 जुलाई तक बदरपुर बॉर्डर होते हुए हाईवे या बाईपास का विकल्प अपनाना होगा।
हर शिविर पर महिला पुलिस
इस बार प्रत्येक शिविर पर दो पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। पुरुष पुलिसकर्मी के साथ महिला पुलिसकर्मी की 12-12 घंटे की ड्यूटी लगाई जाएगी। लगातार कांवड़ मार्ग पर पुलिस चौकसी रखेगी। इसके अलावा इस बार कांवड़ियों की वेशभूषा में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
24 घंटे रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
कांवड़ मार्ग और शिविरों में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए जाएंगे। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मियों को तैनात करने के अलावा कांवड़ रूट पर एंबुलेंस की जगह-जगह व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा रोशनी की उचित व्यवस्था के लिए अतिरिक्त लाइटें कांवड़ मार्ग पर लगाई गई हैं। शिविर संचालकों को बताया जाएगा कि कांवड़ यात्रियों के बैग पर रिफ्लेक्टर टैप जरूर लगाएं, ताकि रात के समय उनका सफर सुरक्षित हो।
इस बार दूर-दूर होंगे शिविर
इस बार कांवड़ मार्ग पर शिविर कम से कम दो किलोमीटर की दूरी पर होंगे। जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है। एक शिविर से दूसरे शिविर की दूरी दो किलोमीटर होगी, तभी इसकी मंजूरी मिलेगी। हालांकि, पल्ला में शिविर शुरू हो चुका है लेकिन पुलिस-प्रशासन के मुताबिक रविवार से शिविरों की संख्या बढ़ जाएगी।
कांवड़ियों का फरीदाबाद में प्रवेश शुरू हो गया है लेकिन अभी संख्या कम है। हमारी तरफ से तैयारियां की जा रही हैं। कांवड़ मार्ग पर शिविरों का दौरा कर व्यवस्था चाक-चौबंद बनाने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।- विरेंद्र विज, डीसीपी ट्रैफिक