नई दिल्ली।
राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को-लोकेशन घोटाले में सीबीआई के पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को 20 मई को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया है। विशेष न्यायाधीश एमपी सिंह ने कहा कि इस पूरक आरोपपत्र में आईपीसी की धारा 418 (छल, जिसमें आरोपी को यह जानकारी हो कि उसके कार्य से उस व्यक्ति को नुकसान होगा, जिसके हितों की रक्षा करने की जिम्मेदारी उसी पर है) को अतिरिक्त रूप से शामिल किया है। अदालत ने आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के साथ धारा 418 के तहत अपराध का संज्ञान लिया है।
सीबीआई ने यह पूरक आरोपपत्र 17 सितंबर 2025 को दाखिल किया था, जिसमें कुल 300 से अधिक पृष्ठ हैं। इस पूरक आरोपपत्र में पूर्व एनएसई प्रमुख चित्रा रामकृष्ण समेत कुल 44 आरोपितों को नामजद किया गया है। बता दें कि सीबीआई ने इस मामले में अपना मुख्य आरोपपत्र 22 अप्रैल 2022 को दाखिल किया था, जिसमें चित्रा रामकृष्ण और आनंद सुब्रमण्यम पर पद का दुरुपयोग कर महत्वपूर्ण फैसलों में अनियमितताएं करने के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद अगस्त 2022 में एजेंसी ने एक और पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। एनएसई को-लोकेशन घोटाला स्टॉक एक्सचेंज के सर्वर तक कुछ चुनिंदा ब्रोकर्स को प्राथमिकता के आधार पर पहुंच देने से जुड़ा है, जिससे उन्हें ट्रेडिंग में अनुचित लाभ मिला था।