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दिल्ली पुलिस ने नकली नोट खपाने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

Thu, 26 Dec 2019 06:14 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लक्षमीनगर में नकली नोट छापने वाली यूनिट का पर्दाफाश करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 55 लाख के नकली नोट और 1.67 लाख के नकली यूएस डॉलर बरामद किए हैं। ऐसा पहली बार सामने आया है कि दिल्ली में नकली यूएस डॉलर छापे जा रहे थे। आरोपी पिछले दो वर्ष से नकली नोट छाप रहे थे और अब तक करीब छह करोड़ के नकली नोट दिल्ली, यूपी समेत कई जगहों पर सप्लाई कर चुके हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। 

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स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार सूचना मिल रही थी कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नकली नोट छापने व सप्लाई करने का रैकेट चल रहा है और नकली नोट छापने की फैक्टरी लगाने की कोशिश भी कर रहे हैं। पुलिस टीम को नकली नोटों की सप्लाई होने के बारे में 20 दिसंबर को सूचना मिली थी। इसके बाद एसीपी ललित मोहन नेगी व ह्दय भूषण की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील राजैन, रविन्द्र जोशी व विनोद बाडोला की टीम गठित की गई। 

टीम ने लक्ष्मी नगर में घेराबंदी कर लक्ष्मी नगर निवासी तबरेज अहमद (38), सीलमपुर निवासी शोएब मलिक (28) और सुजानपुर, पोस्ट खास, बुलंदशहर यूपी निवासी रघुराज सिंह (52) को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से तीन लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। सभी नोट 20 व 100 के नोट में थे। पुलिस ने तीनों को रिमांड पर लिया और पूछताछ की तो उनकी निशानदेही पर दो आरोपी मुस्ताफाबाद, दिल्ली निवासी दानिश मलिक (28) और अंसारी रोड दरियागंज निवासी उनवान अंसारी उर्फ वान अंसारी (40) को भी गिरफ्तार कर लिया। 
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दानिश के घर से एक लाख के नकली नोट, प्रिंटर व एक बटर पेपर बरामद किया गया,  वहीं उनवान अंसारी के घर से 51,76,500 के नकली नोट बरामद किए गए। डीसीपी ने बताया कि सभी नकली नोट दो हजार, 500, 100 और 50 के नोट में हैं। इसके अलावा 1,67,500 नकली यूएस डॉलर बरामद  किए गए हैं। आरोपियों से .32 बोर की दो पिस्टल व चार मैगजीन भी बरामद हुई हैं। नकली यूएस डॉलर को भारतीय करेंसी में बदले तो यह रकम 1,17,25000 हो जाती है। 

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छोटी रकम के नोट ज्यादा छापते थे

पकड़े गए नकली नोट - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार छोटी रकम के नोटों को बाजार में खपा देना आसान होता है इस कारण आरोपी 100 व 50 के ज्यादा नकली नोट छापते थे। कुछ नोटों की क्वालिटी अच्छी है।

डिजाइनर है दानिश 
दानिश मलिक नकली नोट छापने का डिजाइनर है। वह 15 वर्ष फोटो स्टूडियो में काम कर चुका है। उनवान अंसारी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया हुआ है। वह वेब डिजाइनिंग का काम भी जानता है। उसने बिटक्वाइन में रुपये भी लगाए थे। इसमें उसे भारी घाटा हो गया था। इस दौरान उसकी मुलाकात तबरेज से हुई थी। उसके साथ मिलकर वह नकली नोटों का काम करने लगा। नकली नोटों में उनवान अंसारी इफेक्ट डालने का काम करता था। शोएब मलिक फर्जी नोट को डिजाइन करता था। रघुराज सिंह पिछले 15 वर्षों से नकली नोट सप्लाई करने के गोरखधंधे से जुड़ा हुआ है। वह नोटों को बाजार में सप्लाई करता था। बदले में उसेकमीशन दिया जाता था। 
 
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