इनके पास से 400 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इससे पहले सेल ने एक ड्रग तस्कर विशाल को गिरफ्तार किया था। जिससे पूछताछ में संदीप और सुनील का नाम सामने आया था। दोनों को पुलिस ने मजनू का टीला के पास से गिरफ्तार किया। जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए सभी तस्कर दिल्ली- एनसीआर के अलावा देश के अन्य जगहों पर हेरोइन और अफीम की आपूर्ति करते थे। मणिपुर के सीमावर्ती इलाकों में अफीम की बड़े पैमाने पर अवैध खेती होती है।
कारोबार में घाटा होने पर शुरू की तस्करी
राहुल गुप्ता बरेली का रहने वाला है। वह तिलहर मंडी में पैतृक दुकान पर काम करता था। व्यवसाय में घाटा होने के बाद वह बरेली आ गया। बरेली में जल्दी पैसा कमाने के लिए वह नशे के धंधे से जुड़ गया। राहुल बेबेम चांगलोई उर्फ भाभी से हेरोइन और अफीम खरीदकर प्रतीक गुप्ता को सप्लाई करता था। वहीं प्रतीक का इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान थी। लॉकडाउन में दुकान में आर्थिक नुकसान होने के बाद वह राहुल गुप्ता के संपर्क में आकर तस्करी करने लगा।
बृजेश का बिल्डिंग मेटेरियल का काम करता है और राहुल के संपर्क में आने के बाद अपने इलाके में अफीम की सप्लाई करने लगा। संदीप ऐसे परिवार से ताल्लुक रखता है, जो दिल्ली में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करता है। वह ड्रग सप्लायर प्रिया का दामाद है। जो इस मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है। संदीप विशाल और प्रिया से हेरोइन खरीदता था। वहीं सुनील भी विशाल और प्रिया से हेरोइन खरीदता था। नेमनेहाट चोंगलोई मणिपुर की है। वह 2020 से हेरोइन की आपूर्ति में लिप्त है। वह म्यांमार सीमा के पास से एक व्यक्ति से हेरोइन और अफीम खरीदती थी।
हनीट्रैप में फंसाकर किया अगवा, ऑटो चालक ने पकड़वाया
कालकाजी निवासी एक युवक को हनीट्रैप में फंसाकर रविवार शाम को अगवा कर लिया गया। आरोपी मोटी रकम वसूलना चाहते थे, लेकिन जब अपहरण कर ले जा रहे थे तो ऑटो चालक की समझदारी से कालकाजी पुलिस ने मुख्य आरोपी इकरार अली व अनुराधा को गिरफ्तार कर युवक को छुड़ा लिया। दोनों से पूछताछ के बाद तीसरे आरोपी को साहिल को भी दबोच लिया। पुलिस चौथे आरोपी की तलाश कर रही है। आरोपियों से पिस्टल, चार कारतूस, कार आदि सामान बरामद किया गया है।