भारत में बांग्लादेश से नकली नोट आ रहे हैं। बांग्लादेश से बांग्ला-इंटो और नेपाल-इंडो बॉर्डर से पश्चिमी बंगाल में नकली नोट आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोट सप्लाई करने वाले एक नकली नोट तस्कर को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार तस्कर केकब्जे से दस लाख रुपये केनकली नोट बरामद किए गए हैं। सभी नकली नोट दो हजार के नोटों में हैं। नकली नोटों की क्वालिटी इतनी बढिय़ा है कि आम आदमी उनकी नकली होने की पहचान आसानी से नहीं कर सकता।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार इंस्पेक्टर विवेकानंद पाठक व कुलदीप सिंह की टीम करीब छह महीने से नकली नोट सप्लाई करने वाले गिरोह के पीछे लगी हुई थी।
इस टीम को जांच में पता लगा कि नकली नोट इंडो-नेपाल व इंडो-बांग्ला बॉर्डर से पश्चिमी बंगाल आते हैं। पश्चिमी बंगाल से नकली नोटों को पूरे देश में सप्लाई किया जाता था।
इस टीम को 21 जनवरी को सूचना मिली थी कि नकली नोट सप्लाई करने वाले गिरोह का सदस्य नकली नोटों की खेप देने आनंद विहार रेलवे स्टेशन आएगा। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर मालदा, पश्चिमी बंगाल निवासी खालिक शेख(32) को पकड़ लिया।
उसकेकब्जे से दस लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। खालिक गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पांच बच्चे हैं। गरीबी केचलते वह बांग्लादेश निवासी अशफाक केकहने पर नकली नोटों की सप्लाई करने लगा था। अशफाक इस समय पश्चिमी बंगाल में रह रहा है।
आरोपी ने बताया कि वह पश्चिमी बंगाल से नकली नोट लाकर दिल्ली व यूपी में सप्लाई करता था। वह पिछले तीन वर्ष से नकली नोट सप्लाई कर रहा है। खालिक शेख अशफाक से 100 रुपये का नकली नोट 40 रुपये में लेता था और इसे आगे 50-60 रुपये में सप्लाई करता था। वह अब तक करीब 20 लाख रुपये के नकली नोट सप्लाई कर चुका है।
नकली नोटों की पहचान आसानी से नहीं की जा सकती
नकली नोटों की क्वालिटी बहुत ही बढ़िया है। नकली नोटों की छपाई कहीं अच्छी जगह की गई है। नकली नोटों में सुरक्षा से संबंधित सभी फीचर्स हैं। यहां कि नकली नोटों में सिक्योरिटी धागा व सिक्योरिटी वाटरमार्क भी हैं। इस कारण आम आदमी नकली नोटों की पहचान आसानी से नहीं कर सकता है।