दिल्ली में द्वारका के सेक्टर-8 निवासी संदीप भटनागर हिंदी फिल्म स्पेशल- 26 को कई बार देखा। वह फिल्म से इतना प्रभावित हो गया कि उसने फिल्म की तर्ज पर लूटपाट करने की साजिश रच ली। वह अपने साथियों के साथ सीबीआई अफसर बनकर फर्श बाजार स्थित ज्लैवर के यहां पहुंच गए। आरोपियों के पास सीबीआई के फर्जी परिचय पत्र और वॉकी-टॉकी थे। साथ में एक महिला थी। इन्होंने ज्वैलर को सोने की तस्करी करने की बात कहते हुए धमकाया और मामले को रफा-दफा करने के लिए एक करोड़ रुपये मांगे। डर के चलते ज्वैलर उन्हें 40 लाख रुपये और 500 ग्राम सोना दे दिया। अपराध शाखा की टीम ने संदीप भटनागर (48) को उसके साथी पवन(47), योगेश कुमार (58) और हिमांशु उर्फ दिनेश उर्फ बबूल(34) को गिरफ्तार किया है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि फर्श बाजार में ज्वैलरी की दुकान चलाने वाले हरप्रीत सिंह ने 17 अप्रैल को पुलिस को सूचना दी थी कि एक महिला समेत छह लोग उसकी दुकान में घुस गए और दुकान का शटर अंदर से बंद कर लिया। आरोपियों ने ज्वैलर से कहा कि वह सोने की अवैध कारोबार में लिप्त हैं। आरोपियों ने केस को रफा-दफा करने के लिए एक करोड़ रुपये मांगे। डर के चलते ज्लैवर ने आरोपियों को 40 लाख रुपये और 500 ग्राम सोना दे दिया। आरोपी जाते हुए दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी ले गए। आरोपियों को पकडऩे के लिए इंस्पेक्टर लछमन की देखरेख में एसआई देवेंद्र, हवलदार सूर्या प्रकाश, हवलदार सोहित व महा सिंह की टीम को लगाया गया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान हो गई।
इंस्पेक्टर लिछमन की टीम ने फुर्ती से कदम उठाते हुए गिरोह सरगना संदीप भटनागर, उत्तम नगर निवासी पवन गुप्ता, योगेश कुमार और वाजिदपुर ठकरान निवासी हिमांशु उर्फ दिनेश उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर लिया। संदीप समेत सभी आरोपियों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। संदीप बड़ा सीबीआई अफसर बना था। ये महिला को इसलिए साथ ले गए कि ताकि पीडि़त को विश्वास हो जाए। पुलिस ने इनके पास से 11 लाख रुपये, 104 ग्राम सोना, दो डीवीआर व पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।