लंबी खींचतान के बाद सपा ने एमएलसी आशू मलिक के भाई नूर मलिक को जिला पंचायत का प्रत्याशी घोषित किया है। सपा के 18 में से मात्र तीन सदस्य हैं, हालांकि 13 सदस्य साथ होने का दावा किया जा रहा है।
नूर मलिक के विरोध में लगे रहे सपाई पार्टी का आदेश आते ही शांत हो गए हैं, लेकिन माना जा रहा है पार्टी को भीतरघात का सामना करना पड़ सकता है।
एमएलसी आशू मलिक ने अपने भाई को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के रूप में पेश किया था। उनके सामने पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पवन मावी ने ताल ठोकी थी। वह अपनी पत्नी लक्ष्मी मावी को प्रत्याशी घोषित कराने को लगे थे।
सपा के तीसरे जिला पंचायत सदस्य विकास यादव भी दौड़ में शामिल थे। सोमवार को पार्टी ने नूर मलिक को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया।
आशू मलिक का दावा है कि 18 में से 13 जिला पंचायत सदस्यों का खुला समर्थन प्राप्त है। प्रयास किया जा रहा है कि चुनाव न हो और नूर मलिक को निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया जाए।
पवन मावी भी अब शांत हैं। उनका कहना है कि पार्टी गाइडलाइन का पालन करेंगे और पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन करेंगे। हालांकि सपा में अब भीतरघात होने की आशंका है।
सूत्रों की मानें तो सपा का एक धड़ा बीजेपी प्रत्याशी अनिल कसाना का समर्थन कर सकता है। कसाना का दावा है कि बसपा भी उनको समर्थन दे रही है।