पांच महीने पहले दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के संपत्ति कर में बढ़ोतरी के फैसले को रद्द कर दिया गया है। शुक्रवार को दक्षिणी निगम के सदन की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाया गया, जो पारित हो गया। इस निर्णय से निगम को करीब 80 करोड़ का नुकसान होगा।
माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव नजदीक देखकर यह फैसला लिया गया है। दक्षिणी निगम की नेता सदन कमलजीत सहरावत ने संपत्ति कर में बढ़ोतरी को रद्द करने का प्रस्ताव रखा। इसमें कहा गया है कि 26 फरवरी को सदन ने थर्ड म्यूनिसिपल वे वैल्यूएशन कमेटी की सिफारिशों को मंजूर कर लिया था। इसके बाद टैक्स में बढ़ोतरी की गई थी।
रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, पार्षदों और करदाताओं ने इसे वापस लेने की मांग की थी। इस प्रस्ताव के बाद लोगों को पहले के बराबर ही टैक्स की अदायगी करनी होगी। स्टैंडिंग कमेटी में इस संबंध में प्रस्ताव पास होने के साथ साथ ही प्रॉपर्टी की श्रेणी में बदलाव से कर का बोझ चार गुना तक बढ़ गया था। संपत्ति कर जमा कराने वालों की अतिरिक्त राशि आगामी बिलों में समायोजित की जाएगी।