संवादहीनता बढ़ा रही समस्या
मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) के उप चिकित्सा अधीक्षक व मनोरोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि परिवार में संवाद ही खत्म हो गया है। बातचीत के अभाव में परिवार की संस्था प्रभावित हुई। हर वर्ग में एक-दूसरे से कोई न कोई समस्या रहती है। इसे बातचीत से खत्म कर सकते हैं, लेकिन शहरीकरण के दौर में किसी के पास संवाद का समय ही नहीं। ऐसे में एक दूसरे के प्रति बैर बढ़ता है जो आगे चलकर हिंसक हो जाता है।
ऐसे बच्चों में दिखते हैं यह लक्षण
स्कूल से दूरी बनाना
दूसरे बच्चों के साथ झगड़ा करने की अक्सर स्कूल से शिकायत आना
माता-पिता से झूठ बोलना
घर से सामान चुराना
छोटी-छोटी बात पर गुस्सा होना
परिवार के दुख पर खुश होना
भाई-बहन के साथ मारपीट करना