50 हजार के जमानती बॉन्ड के बाद रिहाई का आदेश
एसईएम ऋतु राज ने जंतर-मंतर अतिक्रमण मामले की जांच पूरी होने तक दोनों कार्यकर्ताओं द्वारा 50,000 रुपये के व्यक्तिगत बॉन्ड और जमानत बॉन्ड जमा करने के बाद उनकी रिहाई का निर्देश दिया। अपने लिखित आश्वासन में दोनों कार्यकर्ताओं ने शांति भंग न करने का वादा किया और एसईएम न्यायालय सहित न्यायपालिका और उसके सभी उपकरणों में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया।
उनके बयान में कहा गया कि हम शांति, कानून व्यवस्था और जन शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं और यह स्पष्ट करते हैं कि जब तक जंतर-मंतर को कानून के अनुसार अधिसूचना से मुक्त नहीं कर दिया जाता, तब तक हम वहां किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कोई भी विरोध प्रदर्शन 'संविधान की सीमाओं के भीतर' ही किया जाएगा। एसईएम न्यायालय ने पाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 135(3) के तहत शांति भंग या सार्वजनिक शांति भंग को रोकने के लिए आवश्यक तत्काल उपाय लिखित वचनपत्रों के निष्पादन के माध्यम से पर्याप्त रूप से सुनिश्चित किए जा सकते हैं।
कोर्ट में पुलिस ने की थी तीन दिन और हिरासत बढ़ाने की मांग
एसईएम का रिहाई आदेश दिल्ली पुलिस द्वारा उनकी न्यायिक हिरासत को तीन दिन और बढ़ाने की मांग के बाद आया, जिसमें यह तर्क दिया गया था कि उनके बाद के बयानों और आचरण के मद्देनजर शांति भंग और सार्वजनिक शांति भंग की आशंकाएं बनी हुई हैं।