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सौम्या विश्वनाथन हत्याकांड : दोषियों ने उम्रकैद को चुनौती दी, हाईकोर्ट का दिल्ली पुलिस को नोटिस; जवाब तलब

Wed, 24 Jan 2024 04:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार और न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत सिंह मलिक और अजय कुमार की अपील पर पुलिस को नोटिस जारी किया है।
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Soumya Vishwanathan(फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में चारों दोषियों ने मंगलवार को हाईकोर्ट में उम्रकैद की सजा को चुनौती दी। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार और न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत सिंह मलिक और अजय कुमार की अपील पर पुलिस को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने अधिकारियों से दोषियों की सजा को निलंबित करने की मांग वाली अंतरिम अर्जी पर जवाब दाखिल करने को भी कहा है। अदालत ने मामले की सुनवाई 12 फरवरी तय की है।

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18 जनवरी को विश्वनाथन के हत्यारों में से एक ने ट्रायल कोर्ट के पिछले साल नवंबर में दिए गए फैसले को चुनौती दी थी। इसके बाद अन्य ने भी अपील दायर की। दोषी ने याचिका में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने मीडिया और सामाजिक दबाव के तहत ब्लाइंड एंड क्लूलेस मर्डर केस में फैसला सुनाया था और दिल्ली पुलिस ने उस पर झूठा आरोप लगाया था। बता दें कि पत्रकार सौम्या की 30 सितंबर, 2008 को तड़के दक्षिणी दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 

पुलिस ने डकैती के लिए हत्या का दावा किया था। 15 साल बाद 25 नवंबर, 2023 को साकेत कोर्ट ने मामले में चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पांचवें दोषी को जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई गई थी। प्रत्येक आरोपी पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत 25,000 व एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। पांचवें दोषी अजय सेठी पर 7.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
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मानसिक क्रूरता के शिकार पति को तलाक
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने पति की याचिका पर तलाक से इनकार करने वाले पारिवारिक अदालत के आदेश को रद्द कर दिया और उसकी अपील को स्वीकार कर लिया। याची ने कहा था कि अनुचित और निंदनीय आचरण जो दूसरे पति या पत्नी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, मानसिक क्रूरता का कारण बन सकता है।

इस जोड़े ने 2001 में शादी की और 16 साल तक साथ रहने के बाद अलग हो गए। पति ने पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगाया। पत्नी ने दावा किया कि उसने और उसके परिवार ने दहेज की मांग की। पीठ ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कलह केवल सामान्य टूट-फूट नहीं थी। यह पति के प्रति क्रूरता का कार्य है, जिससे उनके वैवाहिक संबंध को जारी रखना क्रूरता को कायम रखने का कार्य बन गया। यह टिप्पणी करते हुए अदालत ने पति की तलाक की अर्जी मंजूर कर ली।

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