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महमूद और मुमताज ने वैष्णो देवी में मांगी थी बेटे के वापसी की दुआ, एक महीने में हो गई पूरी

Thu, 30 Jun 2016 11:15 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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मेहमूद और मुमताज अपने बेटे सोनू के मिलने से काफी खुश हैं। करीब छह साल बाद वह अपने बिछुड़े हुए बेटे से बृहस्पतिवार को मिल सकेंगे। मेहमूद बताते हैं कि हर मुमकिन कोशिश कर ली गई थी।
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कौन सा ऐसा मंदिर या मजार नहीं था, जहां सोनू की सलामती और उसकी मिलने की दुआ नहीं मांगी गई। मई में ही पूरा परिवार मां वैष्णो देवी के दर्शन करने गया था। आखिर खुदा ने परिवार की सुनी और सोनू को उनके परिवार से मिला दिया।

मेहमूद व मुमताज अपने बच्चे को मिलने को ईद का तोहफा बता रहे हैं। परिवार फरिश्ता बनकर आए जमाल और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहा है। 
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बांग्लादेश के बजरंगी भाईजान ने सोनू को परिवार से मिलवाया

सोनू और उसका बजरंगी - फोटो : अमर उजाला
बॉलीवुड फिल्म बजरंगी भाईजान तो आपको याद ही होगी, जिसमें सलमान खान अपने माता-पिता से बिछड़ी एक बच्ची को लेकर भारत से पाकिस्तान जाते हैं। ठीक ऐसे ही बांग्लादेश का जमाल भी दिल्ली के सोनू (12) के लिए बजरंगी भाईजान बनकर भारत आया।

काफी जद्दोजहद के बाद उसने सोनू के माता-पिता को दिल्ली के सीमापुरी इलाके से ढूंढ निकाला। करीब छह साल पूर्व सोनू को इलाके में पड़ोस में रहने वाली एक महिला अगवा कर बांग्लादेश ले गई थी।

जमाल से बेटे का पता लगते ही माता-पिता की आंखें छलक गई और वह अपने लाल से मिलने को बेताब हो गए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी परिवार का पूरा साथ दिया। बच्चे और मां के डीएनए टेस्ट कराए गए जो मैच हो गया।

अब सोनू बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के पास है। बृहस्पतिवार को एक टीम उसे लेकर दिल्ली पहुंचेगी। सोनू के माता-पिता अपने बच्चे के मिलने को ईद का तोहफा बता रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, सोनू को पूरा परिवार ए-103, ई-44 नई सीमापुरी में रहता है। घर में पिता मेहमूद, मां मुमताज उर्फ माधुरी, एक बड़ा भाई नोंटू (14), छोटा भाई मेहफूज (6) और बहन चांदनी (5) है।

जमाल सोनू के माता-पिता को ढूंढा

सोनू के परिजन - फोटो : अमर उजाला
मेहमूद सीमापुरी स्थित मीना मार्केट में मोटर मैकेनिक है। 25 मई, 2010 को सीमापुरी में घर के बाहर से अचानक छह साल का सोनू गायब हो गया था। नोंटू जो उस समय आठ साल का था, उसने बताया कि एक महिला सोनू को अपने साथ ले गई थी।

इसके बाद परिवार ने सोनू को खूब ढूंढा। सीमापुरी थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई, लेकिन कोई पता नहीं चला। छह साल से परिवार दर-दर की ठोंकरे खा रहा था, लेकिन सोनू का पता नहीं चला।

इसके बाद यह मामला डीआईयू में स्थानांतरित हो गया। इसी बीच पिछले माह की 17 मई को जमाल नामक एक बांग्लादेशी शख्स मेहमूद को ढूंढता हुआ मीना मार्केट, सीमापुरी पहुंचा। उसने बताया कि उसका बेटा बांग्लादेश के जेसोर जिले में है।

रहीमा नामक महिला उसे अगवा कर बांग्लादेश ले गई थी। रहीमा ने जमाल को भी परेशान किया और वहां पर उसके खिलाफ पुलिस केस किया था। रहीमा के घर जाने के दौरान सोनू ने जमाल को अपना पता बताकर माता-पिता से मिलने की इच्छा जताई थी।

बस इसी वजह से जमाल सोनू के माता-पिता को ढूंढता भारत पहुंचा। मेहमूद ने बताया कि रहीमा उस समय उसके घर के पास ही रहती थी। कुछ समय पूर्व मुमताज व रहीमा का झगड़ा हो गया था, शायद इसी लिए उसने सोनू को अगवा कर लिया।

इधर, बेटे की खबर मिलते ही परिवार ने पुलिस को सूचना दी। लोगों ने मेहमूद व मुमताज को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने के लिए कहा।

विदेश मंत्री के कहने पर कराया गया डीएनए टेस्ट 

सोनू के परिजन - फोटो : अमर उजाला
सोनू का पता चलते ही मेहमूद व मुमताज उर्फ माधुरी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने के प्रयास शुरू कर दिए। मीडिया के माध्यम से 24 मई को मेहमूद, मुमताज, मुमताज की बहन नीतू और बांग्लादेश से आए जमाल ने सुषमा स्वराज से मिलकर सोनू की दास्तां बताई।

फौरन मामले को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्री ने बांग्लादेश हाई कमीशन को तलब कर सोनू का डीएनए कराने के लिए कहा। उधर, बांग्लादेश में सोनू का तो दिल्ली के एम्स में 14 जूनको मुमताज का डीएनए टेस्ट हुआ।

डीएनए मैच होते ही सोनू को भारतीय दूतावास ने अपनी कस्टडी में ले लिया। सोनू को भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। मंत्री ने बताया कि सोनू बृहस्पतिवार को दिल्ली आ जाएगा।
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बेटे का मिलना ईद का तोहफा

सोनू और फोटो दिखाते उसके पिता
मेहमूद और मुमताज अपने बेटे सोनू के मिलने से काफी खुश हैं। करीब छह साल बाद वह अपने बिछुड़े हुए बेटे से बृहस्पतिवार को मिल सकेंगे। मेहमूद बताते हैं कि हर मुमकिन कोशिश कर ली गई थी।

कौन सा ऐसा मंदिर या मजार नहीं था, जहां सोनू की सलामती और उसकी मिलने की दुआ नहीं मांगी गई। मई में ही पूरा परिवार मां वैष्णो देवी के दर्शन करने गया था।

आखिर खुदा ने परिवार की सुनी और सोनू को उनके परिवार से मिला दिया। मेहमूद व मुमताज अपने बच्चे को मिलने को ईद का तोहफा बता रहे हैं। परिवार फरिश्ता बनकर आए जमाल और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहा है।
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