चिल्ला गांव में बुजुर्ग पिता को घर से बाहर निकाला।
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कोरोना महामारी के बीच 85 वर्षीय बुजुर्ग हरिकेश को उनके मझले बेटे ने घर से बाहर कर दिया। मामला मयूर विहार फेस एक के चिल्ला गांव का है। बुजुुर्ग एक सप्ताह तक मोहल्ले की गली में चिलचिलाती धूप व बरसात में वक्त गुजारने को मजबूर थे। पुलिस ने हस्तक्षेप कर बृहस्पतिवार शाम को बुजुर्ग को दोबारा से बेटे के ही घर में आसरा दिलवाया। पुलिस ने बेटे अखिलेश को चेतावनी दी है कि अगर उसने दोबारा ऐसी कोई हरकत की तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चिल्ला गांव के हरिकेश कुमार के चार बेटे हैं। पत्नी की दस साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद से हरिकेश भी बीमार रहने लगे। उनकी बीमारी के बाद मझले बेटे अखिलेश ने उन्हें अपने साथ घर में रख लिया था। काफी वक्त तक सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन बीते एक महीने से हरिकेश को उसकी बहू व बेटे प्रताड़ित कर रहे थे। घर में विवाद बढ़ने पर बेटे-बहू ने बुजुर्ग पिता को घर से बाहर निकाल दिया।
बेघर होने के बाद हरिकेश को मोहल्ले वालों ने गली में चारपाई डालकर रहने के लिए दे दिया। कॉलोनी के कुछ लोग दो वक्त का खाना भी हरिकेश को दे आते थे। इस दौरान बारिश में भीग कर उनकी तबीयत खराब होने लगी, जिसे देखने के बाद कॉलोनी के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
सूचना पाकर तत्काल मयूर विहार पुलिस ने हस्तक्षेप कर बुजुर्ग को दोबारा से घर में रहने के लिए भिजवा दिया। पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग के दूसरे बेटे भी उन्हें अपने साथ रखने को तैयार नहीं हैं। बाकी के दो बेटों का कहना है कि उनका घर काफी छोटा है, इसलिए पिता को रखना मुश्किल है। बुजुर्ग की हालत पर नजर रखने के लिए बीट के एक सिपाही को जिम्मा दिया गया है।