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जिसने पाला उसी को मार डाला: दिल्ली में बेटे ने ली पिता की जान, सिर पर डंडा-ईंट-पत्थर मारे; इस बात से था नाराज

Thu, 13 Jun 2024 06:43 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि केहर सिंह अपने मकान में से बेटियों और बड़े बेटे को हिस्सा देना चाहते थे। अजय इसका विरोध कर झगड़ा करता था। बुधवार दिन में आरोपी ने झगड़े के दौरान पिता की हत्या कर दी। 
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बेटे ने की पिता की हत्या - फोटो : istock
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विस्तार
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में एक युवक ने इंसानियत की सारी हदें पार कर प्रॉपर्टी विवाद में अपने पिता की हत्या कर दी। मृतक की शिनाख्त केहर सिंह (65) के रूप में हुई है। आरोपी ने पिता के सिर पर डंडे, ईंट और पत्थर से वार किए। पिता की हत्या करने के बाद आरोपी कहीं भागा नहीं। नीचे कमरे में बैठकर शराब पीता रहा।

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दोपहर के समय बड़ा बेटा घर पहुंचा तो आरोपी पहली मंजिल की बालकनी पर मौजूद था। बार-बार कहने पर भी वह दरवाजा नहीं खोल रहा था। पिता के बारे में पूछने पर आरोपी उनके ऊपर जाने की बात करने लगा। किसी तरह समझाकर घर का दरवाजा खुलवाया गया तो दूसरी मंजिल पर खून से लथपथ बुजुर्ग का शव पड़ा मिला।

शराब के नशे में धुत आरोपी को मौके से दबोच लिया गया। आरोपी की पहचान अरुण उर्फ गज्जी (35) के रूप में हुई है। वह जीटीबी अस्पताल में नर्सिंग अर्दली है। पुलिस ने इसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।

शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि केहर सिंह अपने मकान में से बेटियों और बड़े बेटे को हिस्सा देना चाहते थे। अजय इसका विरोध कर झगड़ा करता था। बुधवार दिन में आरोपी ने झगड़े के दौरान पिता की हत्या कर दी। पुलिस को घर से शराब की खाली बोतल, डंडा, खून से सनी ईंट और पत्थर मिले हैं।

जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि केहर सिंह अपने परिवार के साथ बी-2 ब्लॉक, नंद नगरी में रहते थे। इनके परिवार में दो बेटे राम बहादुर और अजय गज्जी के अलावा चार शादीशुदा बेटियां हैं। राम बहादुर अपने परिवार के साथ मौजपुर में रहते हैं। वह एक निजी बड़े अस्पताल में फॉर्मासिस्ट हैं।

केहर सिंह की चारों बेटियां अपनी ससुराल में रहती हैं। अजय अपने बुजुर्ग पिता के साथ अकेला रहता था। नंद नगरी के मकान में भूतल के अलावा पहली और दूसरी मंजिल बनी हुई है। बुजुर्ग चाहते थे कि वह अपने मकान का भूतल बेटियों को दे दें जबकि दूसरी मंजिल बड़े बेटे राम बहादुर को दे दी जाए। अजय इसका विरोध करता था।

वह चाहता था कि पूरा का पूरा मकान उसके नाम कर दिया जाए। इस बात पर पिता से उसका झगड़ा होता था। मंगलवार देर रात दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। कहासुनी के बाद बुधवार को दिन में आरोपी ने पिता की दूसरी मंजिल पर हत्या कर दी। बाद में वह नीचे पहली मंजिल पर पहुंचा और उसने जमकर शराब पी। परिजन बुजुर्ग केहर सिंह को फोन करते रहे।

घर पहुंचने पर खुला पिता की हत्या का राज...
केहर सिंह का फोन नहीं उठने पर राम बहादुर घर पहुंचा। उसने देखा कि जीने से ऊपर जाने वाले रास्ते पर अंदर से कुंडी लगी थी। पहली मंजिल की बालकनी पर अजय खड़ा था। राम बहादुर ने उससे पिता के बारे में पूछा तो वह उनके ऊपर जाने की बात करने लगा। बार-बार कहने के बावजूद वह दरवाजा खोलने के लिए तैयार नहीं हुआ।

काफी देर बातचीत करने के बाद किसी तरह अजय को दरवाजा खोलने के लिए मनाया गया। इसके बाद उसने दरवाजा खोला। राम बहादुर ऊपर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। खून से लथपथ पिता की लाश जमीन पर पड़ी थी। राम बहादुर ने दोपहर 3.19 बजे पुलिस को मामले की सूचना पुलिस को दी। खबर मिलते ही पुलिस वहां पहुंच गई।

बाद में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव मोर्चरी भेजा गया। हत्या के बाद आरोपी ने खुद को पानी से धो लिया, लेकिन उसके लोवर पर खून के धब्बे मौजूद थे। पुलिस ने आरोपी को मौके से ही दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया।

रात को पिता ने बड़े बेटे को किया था कॉल...
पुलिस की पूछताछ में बड़े बेटे राम बहादुर ने बताया कि रात 12 बजे के बाद उसके पिता ने कॉल कर उसे बताया था कि अजय आज उनसे कुछ ज्यादा झगड़ा कर रहा है। बार-बार वह मारने की बात कर रहा है। राम बहादुर ने पिता से दरवाजा अंदर से बंद कर सोने के लिए कहा था। अगले दिन वह ऑफिस चला गया।
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इस बीच पिता का फोन नहीं उठा तो दोपहर के समय वह उनको देखने घर पहुंचा। यहां आकर उनकी हत्या का पता चला। किसी भी परिजनों को यकीन नहीं हो रहा है कि अजय अपने ही पिता की हत्या कर सकता है। आरोपी को शराब पीने की लत है। पिता उसे शराब पीने के लिए भी मना करते थे।
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