आम बजट से लोगों को उम्मीद थी कि महंगाई से निपटने से लिए खास घोषणाएं करेंगी, लेकिन मायूसी मिली। हालांकि आयकर में छूट मिलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में इन्हें महंगाई की मार लगातार सहनी होगी। संयुक्त और एकल परिवार के लिए इस बजट के क्या मायने हैं, इसे जानने के लिए अमर उजाला ने उनसे बातचीत की-
दाल-चीनी के साथ अन्य घरेलू उत्पाद सस्ते होने की उम्मीद थी
लक्ष्मी नगर में रहने वाले सचदेवा परिवार (संयुक्त) में नौकरीपेशा से लेकर छात्रा व गृहणी शामिल हैं। घर के सदस्यों ने बजट पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। घर की मुखिया यानी पूरे महीने का हिसाब-किताब देखते हुए खर्चा करने वाली ग्रहणी रेखा बताती हैं कि महीने का बजट उनके लिए कितना मायने रखता है। बेशक पति की आय में कर मुक्ति मिलने से वे बेहद खुश हैं, लेकिन रेखा को दाल-चीनी के साथ अन्य घरेलू उत्पादों के सस्ते होने की उम्मीद थी।
उनको लगता था कि सरकार महंगाई कम करने के लिए बड़ी राहत देगी, ताकि चुनाव में सरकार को फायदा हो सके। परिवार के मुख्य सदस्य चरणजीत सचदेवा सरकार के बजट में मिली कर कटौती से खुश हैं। हालांकि होम लोन से जुड़ी घोषणा पर उनका कहना है कि इसका फायदा सीमित लोगों को ही होगा।
परिवार में मौजूद छात्रा सुनीता का कहना है कि रोजगार को लेकर सरकार कोई घोषणा कर सकती थी। साथ ही उसे उम्मीद थी कि इस बार सरकार नई तकनीक, डिजिटल व कंप्यूटर के अलावा गैजेट्स पर राहत दे सकती है। फोन और अन्य उपकरण सस्ते हो सकते हैं, जोकि पूरे बजट में उन्हें सुनाई नहीं दिया।
पारिवारिक गणित
. परिवार की अनुमानित सालाना आय -10.80 लाख रुपये
. 90 हजार रुपये प्रतिमाह है परिवार की मासिक आय
. रसोई पर 15 हजार रुपये का खर्च
. परिवहन पर 6 से 7 हजार रुपये का खर्च
. 15 हजार रुपये बच्चों की पढ़ाई पर
. 22 हजार रुपये घर की ईएमआई
. 5 हजार रुपये फोन बिल, टीवी इत्यादि पर खर्च
. 2 से 3 हजार रुपये बिजली पर खर्च।
. 1 से 2 हजार रुपये पानी पर खर्च।
. 3 हजार रुपये प्रतिमाह स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम।
. 5 हजार रुपये मासिक बीमा प्रीमियम।
. करीब 2 लाख रुपये की सालाना बचत।