मैदानगढ़ी थाने में तैनात सिपाही कमल यादव ने बहादुरी दिखाते हुए दो किन्नरों को बचा लिया। सिपाही हथियारबंद दो कॉट्रेक्ट किलर से भिड़ गया। एक बदमाश ने सिपाही पर गोली भी चलाई थी। कॉट्रेक्ट किलर मौके से तो भाग गया लेकिन मैदानगढ़ी थाना पुलिस ने बाद में दोनों को दबोच लिया। कॉट्रेक्ट किलर दो किन्नरों की हत्या करने आए थे।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल ठाकुर के अनुसार मांडी गांव के पास तीन-चार दिन पहले एक व्यक्ति का शव मिला था। मैदानगढी थाने में तैनात सिपाही कमल यादव जांच के लिए जा रहे थे। भाटी कला गांव मोड़ पर उसने देखा कि दो लड़के खड़े हैं और दोनों के हाथों में हथियार है। एक लड़का किन्नरों की तरफ गोली चला रहा है। सिपाही ने अपनी जान की परवाह किए बिना बदमाशों से भिड़ गया। दोनों बदमाशों ने गोली चला दी थी।
एक किन्नर ने सिपाही के पीछे जाकर खुद को बचाया। एक बदमाश ने सिपाही की तरफ गोली चलाने का प्रयास किया। सिपाही ने मोटरसाइकिल से धक्का देकर दोनों बदमाशों को नीचे गिरा दिया। जमीन से उठकर बदमाशों ने फिर गोली चलाने का प्रयास किया, मगर गोली चली नहीं। सिपाही कमल यादव ने दोनों को पकड़ने का प्रयास किया, मगर दोनों मौके से फरार हो गए। कमल यादव ने इसकी जानकारी मैदानगढ़ी थानाध्यक्ष जतन सिंह, संजय कॉलोनी चौकी प्रभारी उमेश यादव व हवलदार संजय पंकज को दी।
सूचना के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और तफ्तीश करते हुए एसआई उमेश यादव व पंकज की टीम ने दोनों बदमाश मुकेश उर्फ प्रदीप और कपिल उर्फ पंकज को मदनगीर से पकड़ लिया। आरोपियों के पास से पिस्टल, कट्टा, दो कारतूस और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद कर ली।
पांच लाख रुपये में दी थी सुपारी
इलाके को लेकर किन्नरों के दो गुट में झगड़ा चल रहा है। किन्नर पिंकी व नंदिनी ने आलिया और शालू को मारने के लिए दोनों बदमाशों को पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोप है कि शालू ने 20 अप्रैल, 2019 को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पास पिंकी के दोस्त की हत्या करवा दी थी। इस हमले में पिंकी व उसका ड्राइवर दीपक भी घायल हुआ था। इस मामले में शालू गिरफ्तार हुई थी और 30 अप्रैल, 2020 को पेरोल पर बाहर आई थी। लॉकडाउन के कारण पेरोल को 45 दिन के लिए बढ़ा दिया गया था। बदमाशों को हथियार भी पिंकी ने उपलब्ध कराए थे।