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बदमाश पकड़ने गया, एके-47 से चली गोली हुई मौत

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रोहिणी इलाके में बुधवार तड़के एक बदमाश को पकड़ने गए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम के सिपाही की अपनी ही एके 47 से चली गोली लगने से मौत हो गई। छत से उतरते समय सिपाही का पैर फिसल गया और उसी समय गोली चल गई।
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गोली सिपाही के जबड़े में नीचे तरफ से लगी थी। पोस्टमार्टम के बाद सिपाही केशव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस बदमाश को पकड़ने में कामयाब रही। आरोपी बदमाश मंजीत महल और रविंद्र भोलू गिरोह का सदस्य है।

दिल्ली पुलिस ने द्वारका के कार जैकिंग के मामले में गिरफ्तार बदमाश पर 20 हजार रुपये का इनाम रखा था।

सिपाही आनंद खत्री ने छत पर पोजिशन ले रखी थी

स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार सेल में तैनात इंस्पेक्टर तिलकचंद बिष्ट को दो महीने से सूचना मिल रही थी कि मंजीत महल और रविन्द्र उर्फ भोलू गिरोह का बदमाश अशोक उर्फ सोनू (30) रोहिणी सेक्टर-21 के एक घर में आता है।

पुलिस टीम को 5 जनवरी को सूचना मिली थी कि अशोक घर में छिपा हुआ है। इंस्पेक्टर तिलक राज बिष्ट की देखरेख में इंस्पेक्टर राजेश, एसआई वसंत कुमार, सिपाही संदीप, ओमवीर और आनंद की पुलिस टीम ने बुधवार सुबह छह बजे घर को घेर लिया।

सिपाही आनंद खत्री ने छत पर पोजिशन ले रखी थी। बदमाश अशोक ने मौके से भागने की कोशिश की, मगर पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके कब्जे से एक पिस्टल व 10 कारतूस मिले।

गोली सिपाही जबड़े में लगी थी

बदमाश को पकड़ने के बाद सिपाही आनंद खत्री जब छत से उतरने लगा तो उसी दौरान उसका पैर फिसल गया और एके-47 से गोली चल गई। ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां नहीं थीं। इस कारण सिपाही दीवार के जरिये छत पर चढ़ा था।

गोली सिपाही जबड़े में लगी थी। उसे तुरंत संजय गांधी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नजफगढ़ निवासी सिपाही आनंद खत्री वर्ष 2007 में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। उसने कमांडो की ट्रेनिंग ले रखी थी।

ट्रैफिक के बाद दो महीने पहले ही उसकी तैनाती स्पेशल सेल की वेस्टर्न रेंज में हुई थी। हाल में हुए कई ऑपरेशन में आनंद खत्री ने अहम भूमिका निभाई थी।
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सिपाही को डराने के लिए बदमाश ने कई बार फायरिंग की थी

द्वारका के सेक्टर-23 थाने में तैनात सिपाही मनोज कुमार ने अशोक उर्फ सोनू को पकड़ने का प्रयास किया। सिपाही ने उसके घर पर कई बार दबिश दी थी। सिपाही को डराने के लिए बदमाश ने सिपाही के घर पर जाकर कई राउंड फायरिंग की थी।

गिरफ्तार शातिर बदमाश के खिलाफ हत्या, फिरौती, लूटपाट, कार जैकिंग और चोरी आदि के दिल्ली व हरियाणा में आठ मामले दर्ज हैं। वह 11 वर्षों से आपराधिक वारदात को अंजाम दे रहा है। 2004 में वह पहली बार गिरफ्तार हुआ था।

वर्ष 2014 में ये मंजीत महल के गिरोह में शामिल हुआ था। अशोक ने झज्जर, हरियाणा निवासी वीरेन्द्र उर्फकाला व सुरेन्द्र उर्फ मोनू केसाथ मिलकर गांव के ही राहुल व साधोराम की हत्या कर दी थी। आठ अक्तूबर व उसके साथियों ने एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या कर दी थी।
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