शादी के बाद वह कई बार अपने ससुराल महाराष्ट्र गयी, लेकिन पति और सास-ससुर ने कभी पहले की शादी का जिक्र नहीं किया। उसने बताया कि एक दिन महिला का फोन आया। उसने स्वयं को अमोल की दूसरी पत्नी बताते हुये सच्चाई बयां की। आरोप है कि काउंसलिंग के बाद अमोल ने मामला वापस लेने के लिए बीच सड़क पर मारपीट की। इसके बाद कोलार थाने में धोखे से शादी करने और प्रताड़ना का केस दर्ज कराया है।
पति का दावा
वह साबित करे कि मैंने उससे शादी की है- अमोल का कहना है कि मैंने शादी नहीं की है, बल्कि दूल्हे की ड्रेस पहनकर रिहर्सल कर रहा था। मुझे फंसाया जा रहा है। काउंसलर सरिता राजानी ने जब समाज और कानून का आइना दिखाया तो वह चुप हो गया। उसका कहना है कि वह साबित करे कि मैंने इससे शादी की है। जब शादी ही नहीं की तो भरण-पोषण किस बात का देना।