दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में स्नातक व स्नातकोत्तर की डिग्री वितरित करने के लिए आयोजित डिग्री मेले को रद्द कर दिया गया है। अब छात्रों को उनकी डिग्री स्पीड पोस्ट से भेजी जाएंगी। प्रशासन ने मेले में छात्रों के पहुंचने पर भगदड़ की आशंका को देखते हुए मेले को रद्द करने का फैसला किया। रविवार को भी डिग्री मेला आयोजित नहीं किया जाएगा।
एसओएल ने शनिवार व रविवार के लिए वर्ष 2022 में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर चुके छात्रों के लिए डीयू के बहुउदे्शीय सभागार में डिग्री मेला आयोजित किया था। इसके तहत पहले दिन शनिवार को सुबह 9:30 बजे से 4:30 बजे तक करीब 10 हजार छात्रों को डिग्री वितरित की जानी थी। करीब दो घंटे डिग्री वितरण का संचालन ठीक तरीके से हुआ और तीन हजार छात्रों को डिग्री दी गई।
सुबह 11.30 बजे के बाद सभागार के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग गई और छात्रों की भीड़़ काफी बढ़ गई। दस हजार की क्षमता वाले हॉल में करीब 30 हजार छात्र पहुंच गए। इन्हें संभाल पाना मुश्किल हो रहा था। भारी भीड़ को देखते हुए दो घंटे बाद ही डिग्री वितरण बंद कर दिया गया। ऐसे में छात्र दीवार फांद कर अंदर जाने लगे। छात्रों की भीड़ के कारण कैंपस में भी जाम की स्थिति बन गई।
ऐसे में भगदड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस के कहने पर डिग्री मेले को रद किया गया। एसओएल के कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ यूएस पांडेय ने बताया कि पहले दिन 10 हजार छात्र डिग्री लेने के लिए पंजीकृत थे, उन्हें ही बुलाया गया था, लेकिन करीब 30 हजार छात्र पहुंच गए। इतनी भीड़ को संभाल पाना मुश्किल हो सकता था और भगदड़ के कारण बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसे में डिग्री मेले को तत्काल प्रभाव से रोकना पड़ा। अब चार जून को भी डिग्री नहीं दी जाएंगी। अब डिग्री देने के लिए स्पीड़ पोस्ट का सहारा लिया जाएगा।
कुप्रबंधन के कारण मची अफरा-तफरी
छात्र संगठन क्रांतिकारी युवा संगठन(केवाईएस) का आरोप है कि एसओएल के भारी कुप्रबंधन के कारण कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मच गई। छात्रों को मनमाने ढंग से कार्यक्रम स्थल पर जाने ही नहीं दिया गया। साथ ही कार्यक्रम को अचानक ही रद्द कर दिया गया। जिससे वहां डिग्री लेने पहुंचे छात्र प्रभावित हुए। डिग्री लेने के लिए छात्र दूर-दूर से आए थे। मेला रद होने से गर्मी में उन्हें खासा परेशान होना पड़ा। केवाईएस ने मेला रद होने से मची अफरातफरी और भगदड़ के लिए एसओएल प्रशासन जिम्मेदार ठहराया। संगठन ने एसओएल निदेशक प्रो. पायल मागो को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की।