19 अप्रैल को गूगल इंडिया की सहायक कंपनी में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने की गुत्थी गुरुग्राम पुलिस ने सुलझा ली। 6 दिनों तक आरोपी खुद ही अपने अपहरण की साजिश रचते हुए पुलिस और परिजनों को उलझाता रहा।
बुधवार शाम को सेक्टर-17/18 थाना पुलिस की टीम ने आरोपी को सुखराली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कबूला कि अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए उसने अपहरण की साजिश रचते हुए परिजनों से पांच लाख रुपये की फिरौती मांग रखी थी। जिसमें वह सफल नहीं हो सका।
पुलिस के मुताबिक, 23 अप्रैल को सॉफ्टवेयर इंजीनियर रवि सिंह की यूपी झांसी में शादी थी, लेकिन वह दिल्ली विश्वविद्यालय में पढने वाली अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था।अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए वह 19 अप्रैल को गुरुग्राम सुखराली स्थित पीजी में अपने दोस्त को घर जाने का बोलकर निकला लेकिन घर जाने की बजाय वह लुधियाना चला गया।
जहां से उसने अपने ही व्हॉट्स नंबर से अपने मौसी के लड़के और पिता को अपहरण होने का संदेश भेजकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। युवक ने संदेश में ऐसा दिखाया कि अपहरणकर्ता उसके मोबाइल से संदेश कर रहे हैं।
वह हर दिन पंजाब के अलग-अलग शहरों में जाकर संदेश भेजता था। पुलिस से बचने के लिए उसने अपने परिजनों को यहां तक कह दिया कि अगर बच्चे को जिंदा देखना चाहते हो तो पुलिस को सूचना मत देना।
सेक्टर-17/18 थाना पुलिस की टीम ने उनके परिजनों की सूचना के आधार पर उसका मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाकर निगरानी रखनी शुरू की। बुधवार को उसने अपने परिजनों को अपहरणकर्ता बनकर गुरुग्राम ही बुलाया जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन के मुताबिक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है जिससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की प्रेमिका को उसने इसकी भनक तक नहीं लगने दी। वह अकेला ही इस पूरी योजना को अंजाम दे रहा था और फोन पर अपनी प्रेमिका से बात करता रहा।
पुलिस के मुताबिक कॉन्सेंट्रिक्स दीक्षा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी गूगल के प्रोजेक्ट पर काम करती है। जिसके कर्मचारी सेक्टर-15 स्थित गूगल इंडिया कंपनी में ही काम करते है। मूलरुप से यूपी झांसी निवासी रवि सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर कंपनी में कार्यरत था।