दिल्ली के एम्स के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) रहे संजीव चतुर्वेदी को पद से हटाए जाने के खिलाफ आंदोलन शुरू हो चुका है। हर तरफ केंद्र सरकार के इस फैसले पर हो रहे विरोध के साथ सोशल मीडिया में भी संजीव को इंसाफ दिलाने की मुहिम छिड़ चुकी है।
एम्स से भ्रष्टाचार मिटाने में लगे हरियाणा काडर के आईएसएस अफसर संजीव को केंद्र सरकार ने पद से हटा दिया है। इसके विरोध में आम आदमी पार्टी ने जहां मिस्ड कॉल कैंपेन शुरू किया है, वहीं, सोशल मीडिया पर भी लोगों ने संजीव का समर्थन किया है।
सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर #WeSupportSanjiv का हैशटैग खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि संजीव के साथ नाइंसाफी हुई है और इसमें सबसे बड़ा योगदान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेताओं के इशारे पर ही एम्स के सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को पद से हटाया गया है।
तो ये है कार्रवाई की असली वजह?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के कुछ नेताओं ने केंद्र सरकार से सीवीओ संजीव के खिलाफ शिकायत की थी। इसके बाद सरकार ने एक्शन लेते हुए उन्हें पद से हटा दिया।
इस मामले में लोगों के निशाने पर डॉ. हर्षवर्धन हैं। ट्विटर पर लोग डॉ. हर्षवर्धन से स्वास्थ्यमंत्री पद छोड़ने तक की मांग कर रहे हैं। यही नहीं, ट्विटर पर #YoHarshuSoCorrupt हैशटैग भी ट्रेंड कर रहा है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण ने बताया कि चतुर्वेदी की ईमानदारी से परेशान होकर हरियाणा की हुड्डा सरकार ने पांच साल में बारह बार तबादला किया था। इसके बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने 2012 में चार साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर चतुर्वेदी को एम्स का मुख्य सतर्कता अधिकारी नियुक्त किया।
पद संभालते ही चतुर्वेदी ने एम्स में चल रहे भ्रष्टाचार की पोल खोलनी शुरू की। इसमें कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें से एक हिमाचल प्रदेश कॉडर के आईएएस विनीत चौधरी भी शामिल हैं। प्रशांत भूषण का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश में सहायक मुख्य सचिव के पद पर तैनात चौधरी की नजदीकी भाजपा महासचिव जेपी नड्डा से है।
'BJP भूल गई 'दामादश्री' अध्याय'
ट्विटर पर लोगों ने संजीव चतुर्वेदी के समर्थन में आवाज उठाते हुए मोदी सरकार को जमकर कोसा है। लोगों ने मोदी सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों को कहना है कि यह ऐसा देश है जहां ईमानदार की इज्जत की नहीं जाती, बल्कि उतारी जाती है।
वहीं, कुछ लोगों ने मोदी सरकार को ईमानदारों की दुश्मन करार दिया है। ट्विटर पर छिड़ी ये जंग लगातार जारी है। लोगों ने #WeSupportSanjiv हैशटैग के साथ मोदी सरकार का विरोध करना शुरू कर दिया है।
ट्विटर पर अंकुश नाम के एक युवक ने लिखा कि कमाई वाली जगह पर ऐसे व्यक्ति को भेज दिया जोकि नहीं कमाता, इसलिए हटा दिया गया। तो कुछ लोगों ने चुनाव के दौरान बीजेपी की 'दामादश्री' मुहिम की चर्चा भी छेड़ दी है।
बता दें कि संजीव चतुर्वेदी एम्स के पहले मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) बने थे और शायद वही अंतिम सीवीओ भी साबित होंगे।