ये कहने की जरूरत नहीं कि महंत आदित्यनाथ योगी देश के किसी फायर ब्रांड नेता से कमतर हैं। फिर भी उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव के परिणाम आते ही मुख्यमंत्री बनने की रेस में पहले मनोज सिन्हा का नाम सबसे आगे चल रहा था।
ये कम नहीं था। कुछ समय सीएम की रेस में केशव प्रसाद मौर्या, सतीश महाना, दिनेश शर्मा सहित कई नाम आगे आते रहे। भाजपा का यह एतिहासिक फैसला था कि पार्टी ने आखिरी वक्त तक मुख्यमंत्री पद के योग्य शख्स का नाम का एलान नहीं किया।
यूपी में भाजपा गठबंधन ने 403 विधानसभा सीटों में 325 सीटों पर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई।