दिल्ली की आप सरकार ने चुनावी घोषणा के अनुसार बिजली की कीमतों में 50 फीसदी की कमी का ऐलान सब्सिडी के साथ किया है। इससे आम उपभोक्ताओं को तो लाभ मिल जाएगा लेकिन यह उन्हीं उपभोक्ताओं के टैक्स का पैसा है, जिन्हें सब्सिडी मिलनी है।
सरकार को सब्सिडी का पैसा फिलहाल अपने खाते से बहुत कम देना है क्योंकि बिजली कंपनी बीएसईएस के पास सरकार का करीब चार हजार करोड़ रुपये बकाया है। सब्सिडी की रकम डिस्कॉम्स को उसी रकम से अदा करने के लिए सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली की करीब तीन चौथाई इलाके में बिजली सप्लाई का जिम्मा बिजली वितरण कंपनी यमुना और राजधानी पावर लिमिटेड के पास ही है।
ऐसे में दिल्ली सरकार को सब्सिडी की सबसे ज्यादा रकम इन्हीं इलाकों पर खर्च करना है। लेकिन इसके लिए सरकार बीएसईएस को पैसे नहीं देने वाली है। बिजली वितरण कंपनी पर सरकार के बिजली उत्पादन कंपनियां और ट्रांसमिशन कंपनी दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड का बकाया है।