अदालत ने अपनी ही 17 वर्षीय बेटी से यौन प्रताड़ना के आरोपी पिता को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। दरअसल अदालत के समक्ष बेटी अपने बयानों से मुकर गई और अदालत को बताया कि अपने माता-पिता की बीच हुए विवाद के कारण उसने फर्जी शिकायत की थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम मेनन ने उत्तरी दिल्ली निवासी आरोपी को धारा 354, 506 व पोस्को के तहत आरोपों से बरी किया है। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता लड़की व उसकी मां ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया है।
ऐसे में मामले की सुनवाई जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने कहा कि लड़की ने कहा कि उसे अपनी भूल का अहसास हो गया है और उसके पिता ने कभी भी उसे यौन प्रताड़ना नहीं की।