गढ़मुक्तेश्वर के गांव सदरपुर में छह दिन बीतने के बाद भी सर्प दंश का सिलसिला थम नहीं रहा है। सर्प दंश से महिला और दो बच्चों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार की शाम एक बार फिर सांप ने घेर में काम करने के दौरान मृतका पूनम की भाभी को डस लिया, जिन्हें उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया है। वहीं, कुछ लोग शुक्रवार को अपने घर बंद कर रिश्तेदारी में चले गए हैं।
रविवार की रात गांव में रिंकू सिंह की पत्नी पूनम, बेटी साक्षी और बेटे कनिष्क को सांप ने डसा था, जिनकी सोमवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अगले दिन ही मजदूर प्रवेश और फिर उनकी पत्नी ममता को सांप ने डस लिया। दोनों का अभी उपचार चल रहा है। इन घटनाओं को लेकर ग्रामीणों की दहशत कम नहीं हो पा रही। इसी बीच शुक्रवार की शाम अपने घेर में काम कर रहीं मृतका पूनम की भाभी उमेश देवी के हाथ पर भी सांप ने डस लिया। जिनकी चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण पहुंचे, जिन्होंने तुरंत ही उमेश को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उन्हें सीएचसी भेज दिया गया है। सीएचसी में उमेश का उपचार चल रहा है।
धामन प्रजाति के दो सांप पकड़े
मंगलवार को वन विभाग की टीम ने गांव से धामन प्रजाति के सांप को पकड़ा था, लेकिन जहरीला सांप न पकड़े जाने और लगातार घटना होने पर शुक्रवार को अमरपाल, कमलेश, टीटू व अन्य कई ग्रामीण अपने घरों पर ताले लगाकर परिजनों के साथ रिश्तेदारियों में चले गए। शुक्रवार को भी वन विभाग ने दो सांप पकड़े, लेकिन वह भी धामन प्रजाति के हैं।
महिला को डसने के बाद बढ़ा डर, घरों से बाहर निकल आए ग्रामीण
शुक्रवार के सर्प दंश की घटना होने के बाद ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई। दर्जनों ग्रामीण अपने बच्चों और परिवार के लोगों को साथ लेकर घरों से बाहर खुले में निकल आए। ग्रामीणों का कहना हे कि यदि जल्द सांपों के आतंक से निजात नहीं दिलाई गई, तो संभवत: सभी गांव छोडकर चले जाएंगे।
सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि सर्प दंश से पीडि़त महिला का सीएचसी में उपचार कराया जा रहा है। जिनकी हालत में काफी सुधार है। वहीं ग्रामीणों को भी लगातार जागरूक किया जा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि गांव से दो सांप पकड़े गए हैं, वह धामन प्रजाति के हैं। जहरीले सांपों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही सांपों को पकड़ लिया जाएगा।