दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने दिनदहाड़े चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या करने वाले नाबालिग आरोपी के पिता व उसकी मां समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महिला दोस्त की ओर से भेजे गए संदेशों को लेकर ये वारदात हुई थी। पीड़ित दीपक उसकी महिला दोस्त से शादी करना चाहता था। इस मामले में मुख्य आरोपी नाबालिग पहले ही पकड़ा गया है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह के अनुसार, विजय विहार थाना क्षेत्र में वारदात नौ अक्तूबर को हुई थी। इसमें पीड़ित दीपक की मौत हो गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी नाबालिग को उसी समय पकड़ लिया गया था। इससे पहले वह जुलाई, 2001 में हत्या के प्रयास के मामले में पकड़ा गया था और विजय विहार की वारदात वाले दिन से एक दिन पहले यानि 8 अक्तूबर 2001 को रिहा किया गया था। वह बालसुधार गृह से भाग चुका था।
इसके बाद साजिशकर्ताओं में चार आरोपियों नाबालिग के पिता, उसकी मां पूजा, विनोद और सागर के नाम सामने आए। पुलिस टीम को पता लगा कि आरोपी की महिला दोस्त से विवाद को लेकर एक वीडियो नौ अक्तूबर को वायरल हुई। आखिरकार एसआई गर्वनर सिंह की पुलिस टीम ने चारों आरोपियों को दुर्गा पार्क, नसीरपुर गांव, द्वारका से 21 व 22 अक्तूबर की रात को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे रची गई साजिश
रोहिणी निवासी सागर (18) का आरोपी नाबालिग करीबी दोस्त है। नाबालिग का अपने पड़ोस में रहने वाली एक लड़की से प्रेम प्रसंग था और शादी करना चहाता था। पीड़ित दीपक शर्मा लड़की पर उससे बात करने और संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। नाबालिग जब बालसुधार गृह से बाहर आया तो उसने सागर को बताया कि दीपक ने उसकी प्रेमिका और उसके माता-पिता को धमकाया था।
इस कारण पूरा परिवार कहीं चला गया है, ऐसे में वह दीपक को सबक सिखाना चहाता है। विजय विहार, रोहिणी निवासी नाबालिग का पिता (63) मादक पदार्थों की तस्करी में कई बार जेल जा चुका है। उसने खुलासा किया कि उसका सौतेला बेटा एक लड़की के साथ गंभीर रिश्ते में था, लेकिन उसका दोस्त दीपक उस पर संबंध बनाने के लिए दबाव बना रहा था। अक्तूबर 2024 में बाहर आने के बाद उसने और निखिल व विनोद के साथ परिवार के अन्य सदस्यों ने दीपक की हत्या की साजिश रची थी। साजिश में तय किया गया कि विनोद का बेटा सागर दीपक का ध्यान भटकाएगा, नाबालिग आरोपी व दो अन्य नाबालिग उसे मार देंगे।