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ईरानी डिग्री विवाद पर कोर्ट की फटकार, सिर्फ शिकायत दर्ज करने में लग गए 11 साल

Wed, 19 Oct 2016 12:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्मृति ईरानी - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को फर्जी डिग्री मामले में अदालत ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्मृति ईरानी को समन जारी करने से इंकार करते हुये संबंधित शिकायत खारिज कर दी। अदालत ने कहा यह शिकायत केंद्रीय मंत्री को बेवजह परेशान करने के लिये दायर की गई।
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पेश मामले में शिकायतकर्ता ने केंद्रीय मंत्री पर चुनावी हलफनामे में शिक्षा संबंधी गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुये मुकदमा चलाने की मांग की थी। 
पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी हरविंदर सिंह ने स्वतंत्र पत्रकार अहमर खान की उस शिकायत को खारिज कर दिया कि जिसमें स्मृति ईरानी को बतौर आरोपी समन जारी करने का आग्रह किया गया था।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह शिकायत कानून की सर्वोच्चता स्थापित करने या कानून व्यवस्था कायम करने के लिये दायर नहीं की गई। अगर यह शिकायत केंद्रीय मंत्री के खिलाफ न होती तो शिकायतकर्ता शायद इसके बारे में सोचता भी नहीं।
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शिकायत दायर करने में 11 साल का विलंब

स्मृति ईरानी - फोटो : amar ujala
यह शिकायत केवल संभवित आरोपी को परेशान करने के इरादे से दायर की गई थी। कोर्ट को ऐसे मामले की सुनवाई के बोझ से खुद को राहत देनी चाहिये।

अदालत ने शिकायत खारिज करते हुये कहा कि शिकायत दायर करने में 11 साल का विलंब हुआ है। इस लंबी अवधि में केस के मूल दस्तावेज खो चुके हैं और दूसरे दस्तावेजों कानून की कसौटी पर खरे नहीं उतरेंगे।

मामले में शिकायकर्ता का आरोप है कि ईरानी ने जानबूझकर 2004, 2011 व 2014 के चुनावी हलफनामों में अपनी शैक्षिक योग्यता संबंधी गलत जानकारी दी थी। कानून के मुताबिक हलफनामे में कोई भी गलत जानकारी देना जुर्म है। इस संबंध में विवाद उठने पर भी ईरानी ने कोई सफाई नहीं दी।
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