दिल्ली में ई-रिक्शा लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। माना जाता है कि दिल्ली में फिलहाल जितने भी ई-रिक्शा चल रहे हैं उनमें आधे से ज्यादा किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्री मानक को पूरा नहीं करते।
ऐसे में सरकार इनके विकल्प के तौर पर ऐसे ई-रिक्शा लाने जा रही है जो न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगे बल्कि, देखने में बेहद आकर्षक भी होंगे।
इस साल के अंत तक दिल्ली में ऐसे स्मार्ट ई-रिक्शा सड़कों पर दिखाई देने लगेंगे। दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की मदद से 25 स्मार्ट ई-रिक्शा लाने की तैयारी शुरू कर दी है। तीन पहियों वाला यह रिक्शा न सिर्फ देखने में बेहद आकर्षक होगा बल्कि, सुरक्षा के लिए लिहाज से भी मानकों के अनुरूप होगा।
स्वीडन की कंपनी की मदद से बना मॉडल
इस रिक्शा को स्वीडन की एक कंपनी के सहयोग भारतीय कंपनी द्वारा फरीदाबाद में बनाया जाएगा। इस रिक्शा को जीबीज नाम दिया गया है। अब देखना ये होगा कि क्या सरकार दिल्ली में पहले से चल रहे ई-रिक्शा के बदले पूरी दिल्ली में इन्हें ले आएगी।
गौरतलब है कि दिल्ली में पहले से चल रहे ई-रिक्शा के बारे में माना जाता है कि इनमें से ज्यादातर चाइनामेड हैं और यह सुरक्षा की दृष्टि से चालक और यात्री दोनों के लिए हानिकारक हैं।
अच्छी बात ये है कि सड़क पर आने से पहले ही इस आकर्षक ई-रिक्शा की मांग गुड़गांव, मुंबई, चेन्नई और पुणे में होने लगी है।
साकेत में चलेगा पहले स्मार्ट ई-रिक्शा
स्वीडन की कंपनी के सहयोग से बनने वाले ये ई-रिक्शा सबसे पहले दिल्ली में साकेत से मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन के बीच चलाए जाएंगे।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस ई-रिक्शा में ड्राईवर सहित पीछे बैठने वालों दोनों पैसेंजर की सीट में भी सीट बेल्ट की सुविधा होगी।
इस वाहन की अधिकतम स्पीड 40 किमी प्रति घंटा होगी। साथ ही 100 किलोमीटर तक चलने में इस रिक्श्ें में चार किलोवाट बिजली की खपत होगी।