देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शुमार जेएनयू में हुए बवाल के बाद पता चला वहां लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। कैमरे दुरुस्त होते तो शायद जांच की दिशा कुछ और ही होती। जेएनयू तो बस एक मिसाल भर है, दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में सीसीटीवी कैमरों का यही हाल है। किसी भी अपराध, घटना, दुर्घटना बाद जांच में सीसीटीवी कैमरे अहम भूमिका अदा करते हैं। लेकिन दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में ‘तीसरी आंख’ कमजोर है। इसका फायदा बदमाश उठा रहे हैं। दिल्ली में रोजाना औसतन 18 झपटमारी और 128 से अधिक वाहन चोरी की वारदात होती हैं। अमर उजाला ने रविवार को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की।
गांधी नगर मार्केट
गांधी नगर को एशिया की सबसे बड़ी गारमेंट मार्केट कहा जाता है। यहां करीब 11 हजार से अधिक दुकानें हैं। आसपास पांच बड़े बाजार अशोक बाजार, सुभाष रोड बाजार, राम नगर बाजार, शांति मोहल्ला मार्केट और रघुबरपुरा मार्केट हैं। रोजाना यहां चार से पांच लाख लोग खरीदारी करने व अपने काम के सिलसिले में आते हैं। इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) ने मार्केट की सुरक्षा के लिए मेन रोड व भीड़ वाले स्थान पर 40 कैमरे लगाए हुए हैं। इनका कंट्रोल रूम गांधी नगर थाने में है। पड़ताल के दौरान यहां सिर्फ 20 कैमरे की सही हालत में मिले, बाकी खराब पाए गए। यहां दुकानदारों द्वारा लगवाए गए निजी कैमरों पर ही सुरक्षा का जिम्मा है।
मंडी हाउस, बंगाली मार्केट
बंगाली मार्केट इलाके में अगस्त माह में बदमाशों ने सॉलिसिटर जनरल की पत्नी अपर्णा मेहता का मोबाइल झपट लिया था। यहां कई आईएएस और आईपीएस अफसरों के अलावा कई बड़े कारोबारी भी रहते हैं। पड़ताल में पता चला कि बंगाली मार्केट के मेन चौक पर लगे कैमरे खराब हैं। गोलचक्कर पर चारों दिशाओं के लिए लगे कैमरे भी काम नहीं कर रहे हैं। यहां दिल्ली सरकार ने बाबर रोड और रेलवे रोड पर कुछ कैमरे जरूर लगवा दिए हैं। दुकानदारों का कहना है कि इनकी लोकेशन ठीक नहीं है, जिससे कोई खास फायदा नहीं मिलता। इसलिए लोगों ने अपने निजी कैमरे लगवाए हुए हैं।
कनॉट प्लेस
कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्किट में 2010 में कैमरे लगवाए गए थे। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल प्रधान ने बताया कि सरकार द्वारा लगवाया गया एक भी कैमरा काम नहीं कर रहा। एनडीएमसी ने सेंट्रल पार्क के पास कुछ कैमरे लगवाए हैं जो पार्किंग एरिया को कवर करते हैं। इनके अलावा 2010 के बाद कनॉट प्लेस में कोई भी कैमरा नहीं लगवाया गया है। यहां 1200 से अधिक दुकानों के अलावा रेस्टोरेंट और दफ्तर अलग हैं।
सरोजनी नगर
सरोजनी नगर मेन मार्केट में मेन गेट के अलावा अन्य कैमरे बंद मिले। यह हाल तब है जबकि 26 जनवरी बेहद नजदीक है। मार्केट के चारों मेन गेट पर सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उनकी पिक्चर क्वालिटी बेहद खराब है। बार-बार कहने के बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। सरोजनी नगर मार्केट में दो साल पूर्व 25 कैमरे लगवाए गए थे। मौजूदा समय में ज्यादातर खराब हैं। मेन रोड पर पार्किंग के पास भी कोई कैमरा नहीं है। कौन किस वाहन से आ रहा है, इसकी कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिल पाती।
लक्ष्मी नगर बाजार
लक्ष्मी नगर बाजार में घुसते ही हर कोई सतर्क हो जाएगा क्योंकि पूरे बाजार में सीसीटीवी कैमरे का जाल बिछा है। लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। खंभों पर लगा कोई भी कैमरा काम नहीं कर रहा है। दुकानदार अपनी दुकानों में लगाए कैमरों के भरोसे ही अपनी सुरक्षा कर रहे हैं। लक्ष्मी नगर मार्केट के प्रधान प्रद्युमन जैन ने बताया कि बाजार में सरकार की ओर से ईसीआईएल ने 25 प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। इनकी देखरेख लक्ष्मी नगर थाने में बने कंट्रोल रूम से की जाती थी। करीब एक साल पहले सड़क से अतिक्रमण हटाया गया था, तब से ही कैमरे बंद पड़े हैं। कई बार कहने के बाद भी इन्हें दुरुस्त नहीं कराया जा रहा।
राजधानी में अपराध की स्थिति
घटना रोजाना (औसतन) प्रति माह (औसतन)
झपटमारी 18 525
वाहन चोरी 128 3879
चोरी 08 226
हादसों में मौत 04 117
सीसीटीवी कैमरों का हाल
. 4000 कैमरे ईसीआईएल ने लगाए हैं, 3000 हजार और लगाने की तैयारी
. 6630 कैमरे दिल्ली पुलिस जल्द लगवाएगी, 10 हजार और कैमरों के लिए भेजा है प्रस्ताव।
. 12 हजार से अधिक कैमरे लगे हैं रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट पर
. 2.10 लाख कैमरे लोगों ने अपने स्तर से दुकानों और इमारतों में लगवाए हुए हैं।
. 1.40 लाख कैमरे दिल्ली सरकार की ओर से लगवाए गए हैं। इतने ही और लगाने का काम जारी है।
. 2500 कैमरे एनडीएमसी ने अपने क्षेत्र में लगवाए हुए हैं