केंद्र सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी के लिए जारी पहली सूची में भले ही फरीदाबाद का नाम नहीं आया, लेकिन जो दूसरी सूची जारी की गई है, उनमें फरीदाबाद आठवें नंबर पर है।
पहली सूची में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, संपत्ति कर वसूली, सफाई व्यवस्था में कमी ही पिछड़ने का आधार बनी है, लेकिन फरवरी मार्च में फरीदाबाद इन मुद्दों पर काफी मजबूत हो जाएगा। शहर के पास मई में जारी होने वाली सूची में शामिल होने के लिए प्रजेंटेशन देने का एक और मौका है। इसलिए निगम ने पांच प्रोजेक्ट पर चरणबद्ध काम तय कर लिया है, ताकि विकास के लिए फरीदाबाद को तगड़ा फंड मिल सके।
अमर उजाला ने उन पांच योजनाओं की मौजूदा हालत और सिर्फ दो महीने के अंदर उनमें हासिल की जाने वाली उपलब्धियों की पड़ताल की है, जो फरीदाबाद को स्मार्ट शहर की सूची शामिल कर सकती है।
जेएनएनआरयूएम प्रोजेक्ट
नगर निगम को जवाहरलाल अर्बन रूरल नेशनल अर्बन रीनुअल मिशन (जेएनएनआरयूएम) के तहत शहर में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए पाइप लाइन बिछाने और रेनीवेल का काम पूरा करना है। काम में हो रही देरी के कारण प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को पांच चरणों में करने का लक्ष्य रखा है। पांच चरणों के काम के लिए 493.49 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
तीन महीने करना होगा तेजी से काम
निगम को अब तीन महीने में तेज गति से काम करने की जरूरत है, जिससे शहर में पानी की किल्लत न हो और निगम का ये काम स्मार्ट सिटी के लिए बनाई जाने वाली प्रजेंटेशन में दिखाई दे सके।
बेहतर परिवहन व्यवस्था जरूरी
केंद्र से जो रिपोर्ट मिली है उसमें शहर की परिवहन व्यवस्था में काफी कमियां बताई गई हैं। निगम की ओर से शहर में लोगों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा देने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
निगम अब इस ओर ध्यान देगा और परिवहन की व्यवस्था को सुधारने की दशा में काम करेगा। मई में होने वाले प्रजेंटेशन के लिए निगम परिवहन व्यवस्था के लिए किसी प्रोजेक्ट पर काम कर सकेगा।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट शहर की जरूरत
नगर निगम क्षेत्र की आबादी करीब 15 लाख की है। शहर में चारों ओर गंदगी का आलम है। हर रोज शहर से करीब साढ़े पांच सौ टन कचरा निकलता है।
इसको यहां से करीब 10 किलोमीटर दूर बंधवाड़ी प्लांट पर डाला जाता है। गुड़गांव का कचरा भी यहीं डाला जाता है। निगम काफी समय से बंधवाड़ी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर काम कर रहा है, लेकिन आज तक सफलता नहीं मिली है।
अगर शहर को स्मार्ट सिटी की दौड़ में लाना है तो प्लांट को शुरू करना होगा। निगम प्लांट को शुरू करने के लिए योजना बना रहा है। आने वाले समय में प्लांट के कचरे से बिजली पैदा करने पर भी काम किया जाएगा।
शहर में सुधारनी होगी रिकवरी
नगर निगम फरीदाबाद लगातार रिकवरी के मामले में पिछड़ता जा रहा है। निगम का हर महीने का खर्च करीब 25 करोड़ का है और आमदनी सिर्फ 14 करोड़ रुपये की है।
निगम को अपने हाउस टैक्स और प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में तेजी लाने का प्रयास किए जाने चाहिए। निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि रिकवरी का आंकड़ा सौ प्रतिशत पूरा किया जाए।
बड़खल झील क्षेत्र की देनी होगी पूरी जानकारी
केंद्र से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार निगम की ओर से बड़खल झील का क्षेत्र ही दिखाया गया है। जबकि रिपोर्ट के मुताबिक निगम अधिकारियों पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट देनी थी।
कहां से पानी ट्रीट होकर कैसे जाएगा और लेक का पूरा क्षेत्रफल कितना है आदि। अब निगम इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शामिल करेगा। ताकि 23 फास्ट ट्रैक शहरों की सूची में शामिल हो सके।