फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: दिल्ली में छोटे हाथों को मिलेगा बड़ा कारोबार, ई-कॉमर्स दिग्गजों से करेंगे मुकाबला

विज्ञापन
विज्ञापन
48 करोड़ के निवेश से छोटे उद्यमियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं।
विज्ञापन

ओएनडीसी से जोड़कर लोकल कारोबार को देश-विदेश तक ले जाने की रूपरेखा तैयार

आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली।
एमएसएमई सेक्टर के लिए तय 48 करोड़ रुपये के बजट को सरकार जमीन पर उतारने जा रही है। कॉमन फैसिलिटी सेंटर, स्किल ट्रेनिंग और ओएनडीसी जैसे प्लेटफॉर्म से छोटे कारोबारी आत्मनिर्भर और बड़े ब्रांड्स से मुकाबला कर पाएंगे। इससे इनके उत्पाद देश से बाहर वैश्विक बाजार तक पहुंचेंगे। छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं, ट्रेनिंग और बाजार से जोड़ने का काम किया जाएगा।

सरकार कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) स्थापित कर रही है, जहां छोटे उद्यमी साझा मशीनरी और टेस्टिंग लैब का इस्तेमाल करेंगे। उद्योग मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इनको महंगी मशीनें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, इससे उत्पादन लागत में 20-30 फीसदी तक की कमी आएगी। साथ ही, उत्पादों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी, जिससे बाजार में उनकी विश्वसनीयता और पकड़ मजबूत होगी।
विज्ञापन


ओएनडीसी से बड़ा हो जाएगा कारोबार
दिल्ली के एमएसएमई को ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। इससे छोटे कारोबारी अब सीधे ऑनलाइन बाजार में उतर सकेंगे और अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को टक्कर दे पाएंगे। सरकार ने सहकारिता टैक्सी की तर्ज पर इसे शुरू किया है।

वेयरहाउस पॉलिसी से आसान होगा लॉजिस्टिक्स
दिल्ली सरकार नई वेयरहाउस पॉलिसी भी ला रही है, जिससे स्टोरेज और सप्लाई सिस्टम बेहतर होगा। मंत्री ने कहा है कि इसकी तैयारी पूरी हो गई है। ये चौबीस घंटे खुले रहेंगे, जिससे कारोबार तेज होगा और सामान की डिलीवरी आसान बनेगी।
विज्ञापन


सेमीकंडक्टर पॉलिसी से हाई-टेक कनेक्शन
नई सेमीकंडक्टर पॉलिसी के जरिए एमएसएमई को इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग से जोड़ा जाएगा। उद्योग विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक रैम्प योजना के तहत दिल्ली के करीब 32,000 एमएसएमई को स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें डिजिटल मार्केटिंग, नई तकनीक और बिजनेस मैनेजमेंट सिखाया जाएगा।

नए रोजगार भी पैदा करेंगे छोटे उद्योग
उद्योग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इन योजनाओं से न सिर्फ छोटे उद्योग मजबूत होंगे, बल्कि नए रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे।
आदित्य पाण्डेय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें