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गोसेवा आयोग के दावे फेल : गाय के पेट से ऑपरेशन में निकली 60 किलो पॉलीथिन

Wed, 08 Nov 2017 09:43 PM IST
अनूप पाराशर/अमर उजाला, पलवल
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आपरेशन के बाद गाय के पेट से निकली पालीथिन व कचरा - फोटो : अमर उजाला
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राजमार्ग पर होडल में स्थित गोसेवा धाम अस्पताल में ऑपरेशन करने के दौरान एक गाय के पेट से 60 किलोग्राम पॉलीथिन लोहे की कील, पांच रुपये का सिक्का व काफी कचरा निकला। गाय के पेट से इस तरह से पालीथिन व कचरा निकलने की सूचना मिलने के बाद लोगों का उसे देखने के लिए तांता लगा हुआ है। चिकित्सकों द्वारा किए गए उस सफल आपरेशन के बाद गाय पूरी तरह से स्वस्थ है और अब अच्छी तरह से चारा खा रही है।
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ऑपरेशन के द्वारा गाय के पेट से निकली इतनी ज्यादा पॉलीथिन ने सरकार के पॉलीथिन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के दावों को भी फेल करके रख दिया है। वहीं सड़कों पर बेसहारा गायों को संरक्षण देने के गोसेवा आयोग के दावों को भी झुठला दिया है। विश्व विख्यात कथावाचक देवी चित्रलेखा द्वारा संचालित गोसेवा धाम अस्पताल में पलवल के रहने वाले गजेंद्र ने अपनी गाय को अस्पताल में भर्ती करवाया था। उसने डॉक्टरों को बताया कि उनकी गाय पिछले कुछ दिनों से कुछ खा नहीं रही है।

डॉक्टरों ने गाय की जांच की और बाद में हाल ही में लगाई गई आधुनिक एक्स-रे मशीन से गाय के पेट का एक्स-रे किया गया। इसमें गाय के पेट में कुछ कचरा सा दिखाई दिया। इस पर डॉक्टरों ने गाय का ऑपरेशन करने को कहा और ऑपरेशन किया गया। जैसे ही डॉक्टरों ने गाय का ऑपरेशन करने के लिए उसका पेट खोला तो डॉक्टर चकित रह गए। डाक्टरों को गाय के पेट में पालीथिन भरी मिली।
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सड़कों पर बेसहारा घूमने वाली घायल खाती हैं पॉलिथीन

गौसेवा धाम अस्पताल में गाय का आपरेशन करते हुए पशु चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों ने आपरेशन के द्वारा गाय के पेट से जब कचरा निकालना शुरू किया तो करीब 60 किलोग्राम पालीथिन फंसी मिली। जो आंतों तक में चिपकी हुई थी। उसके साथ ही लोहे की कील, सिक्का, बैटरी का ढक्कन, कपड़े में लगाने वाली पिन और तार निकले। इन सबको निकालने के बाद डॉक्टरों ने गाय का सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। चिकित्सकों का कहना है कि कीलों व तारकोल की वजह से गाय का लीवर खराब हो चुका था। उसके मुंह से पोलीथिन निकल रही थी।

गाय के ऑपरेशन के दौरान पेट से निकली इतनी पॉलिथीन को देखकर इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़कों पर बेसहारा घूमने वाली गाय गंदगी खाती हैं और वहां पड़ी खाने की सड़ी-गबली वस्तुओं के साथ पॉलीथिन को भी साथ में खा जाती हैं। ऐसी कितनी ही गाय बिना इलाज के मर भी जाती हैं। डॉक्टरों का भी मानना है कि पॉलिथीन पशुओं के लिए बेहद खतरनाक है।

​दूध निकालकर गाय को भगा देने वालों पर हो कार्रवाई

गौसेवा धाम अस्पताल में गाय का आपरेशन करने के दौरान पेट से कचरा व पालीथिन निकालते हुए - फोटो : अमर उजाला
बजरंग दल के नेता मुनीष भारद्वाज, समाजसेवी दशरथ थानेदार व गोभक्त परमानंद शास्त्री का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जो सुबह दूध निकालने के बाद गाय को बाहर चरने के लिए छोड़ देते हैं और शाम को फिर दूध के समय गाय को पकड़कर बांध लेते हैं और दूध निकालते हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और सबसे पहले यह शुरूआत उस गजेंद्र के खिलाफ होनी चाहिए, जिसकी गाय के पेट से ऑपरेशन के दौरान इतनी पॉलीथिन व कचरा निकला है। उसके द्वारा दूध निकालने के बाद गाय को खुले में छोड़ने से ऐसा हुआ है।

पॉलिथीन पर रोक लगाने के दावे फेल
सरकार व जिला प्रशासन के पॉलीथिन पर रोक लगाने के दावे भी पूरी तरह से फेल साबित हो रहे हैं। एक गाय के पेट से 60 किलोग्राम पॉलिथीन निकलना इस बात का सबूत है कि जिले में पॉलिथीन का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है और प्रशासन व नगर परिषद अधिकारी इस तरफ से आंखें फेरे बैठे हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यही कारण है कि जिले में पॉलिथीन का प्रयोग जोरों पर हो रहा है और लोग घरों का सामान पॉलिथीन में ले जाने के बाद पालीथिन को गंदगी के ढेरों, नालियों व नालों में फेंक देते हैं। जिनमें बेसहारा पशु खाते  हैं और पॉलिथीन को खाते रहते हैं।
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जिले को पशु मुक्त बनाने के दावे भी फेल

आपरेशन के बाद स्वस्थ हालत में चारा खाती गाय - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन के पशु मुक्त बनाने के दावे भी पूरी तरह से फेल साबित हो रहे हैं। प्रशासन कई बार इस बात का दावा कर चुका है कि अब जिले में पशु सड़कों पर नहीं घूमते। जबकि सच्चाई और कुछ है। आए दिन बाजारों में पशुओं का आतंक रहता है और अब इस गाय के आपरेशन के बाद निकली पालीथिनों से भी साबित हो गया है सड़कों पर पशु घूमते रहते हैं और प्रशासन के दावे झूठे हैं।

इस बारे में जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं कि सड़कों पर घूमते बेसहारा पशुओं को पकड़वाकर गोशालाओं में भिजवाया जाए। इसके अलावा पॉलीथिन पर रोक लगाने के लिए भी जल्द ही योजना बनाई जाएगी और नगर परिषद व संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि पालीथिन पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जाए। प्रशासन इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाएगा और लोगों से व सामाजिक संगठनों से भी अपील है कि जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करें कि घर से ही थैला लेकर जाएं, पालीथिन में सामान न लें। -मनीराम शर्मा, उपायुक्त, पलवल
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