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टेरर फंडिंगः 36 करोड़ के पुराने नोट संग गिरफ्तार सब इंस्पेक्टर सस्पेंड, सभी 9 आरोपी NIA के हवाले

Wed, 08 Nov 2017 05:55 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेत‌िक च‌ित्र - फोटो : FILE PHOTO
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने राजधानी दिल्ली के कनॉट पैलेस इलाके से 36 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद किए थे। इस मामले में दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर भगवान सिंह समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया था।
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आज दिल्ली पुलिस ने अपने सब-इंस्पेक्टर भगवान सिंह को सस्पेंड कर दिया है। इसी के साथ ही सभी 9 आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 21 नवंबर तक एनआईए की कस्टडी में भेज दिया है। J&K Terror funding case: All the nine accused persons sent to NIA custody till November 21st by NIA Special Court at #Delhi's Patiala House Court — ANI (@ANI) November 8, 2017 बता दें क‌ि 1000 और 500 रुपये के बंद किए गए नोटों के ये बंडल चार लग्जरी गाड़ियों में मिले थे। पुलिस ने इस मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि इन नोटों का जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों और अलगाववादियों से संबंध हैं।
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28 कॉर्टन में रखे हुए थे 1000 और 500 रुपये के पुराने नोट

सांकेत‌िक च‌ित्र - फोटो : FILE PHOTO
एनआईए के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि एजेंसी की टीम ने सोमवार को राजधानी के कनॉट प्लेस इलाके में सात लोगों को पकड़ा। उनके पास से 28 कॉर्टन में रखे हुए 1000 और 500 रुपये के प्रतिबंधित नोटों के बंडल बरामद हुए।

ये नोट बीएमडब्ल्यू एक्स3, ह्यूंडई क्रेटा एसएक्स, फोर्ड इकोस्पोर्ट और बीएमडब्ल्यू एक्स1 जैसी लग्जरी गाड़ियों में रखे हुए थे। इन सभी को पूछताछ के लिए एनआईए मुख्यालय लाया गया। उनके पास से कुल 36.34 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित नोट बरामद हुए। मंगलवार देर शाम को उनके तीन और साथियों को दबोचा गया।

अधिकारी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ के बाद कुल नौ लोगों को टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि बैन किए गए नोटों को नए नोटों से बदला जा रहा था।

इन सबकी हुई गिरफ्तारी
एनआईए द्वारा पकड़े गए लोगों में दिल्ली निवासी प्रदीप चौहान, भगवान सिंह और विनोद श्रीधर शेट्टी शामिल हैं। इसके अलावा मुंबई निवासी दीपक तोपरानी, अमरोहा के रहने वाले एजाज-उल-हसन, नागपुर के जसविंदर सिंह और जम्मू-कश्मीर के निवासी उमर मुश्ताक डार (पुलवामा), शहनवाज मीर (श्रीनगर) और माजिद यूसुफ सोफी (अनंतनाग) शामिल हैं।

एनआईए के प्रवक्ता के अनुसार, ‘उन्हें कश्मीर घाटी में टेरर फंडिंग मामले की जांच के दौरान इन लोगों की गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी। जांच के बाद यह पता चला कि ये लोग और संस्थाएं अलगाववादियों और आतंकियों से जुड़ी हैं। इनके पास काफी मात्रा में बैन कर दी गई करेंसी है, जिन्हें ये नए नोटों से बदल नहीं पाए हैं। इन सभी लोगों और संस्थाओं पर नजर रखी जा रही थी।’
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