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दिल्ली में इमारत गिरने का VIDEO आया सामने: बम फटने जैसी आई आवाज, धूल-चीखें और मची अफरा-तफरी, चार लोगों की मौत

Sun, 31 May 2026 12:57 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दक्षिण दिल्ली के सैदुल्लाजाब इलाके में शनिवार शाम एक छह मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसा साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट वेस्टर्न मार्ग की गली नंबर-5 में हुआ।
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Saket Building Collapse - फोटो : PTI
दक्षिण दिल्ली के साकेत में शनिवार को इमारत गिरने के हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है, वहीं 10 घायल हो गए हैं। घायलों में तीन महिला और सात पुरुष हैं। वहीं पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मालिक को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है। हादसा उस वक्त हुआ जब सातवीं मंजिल की छत ढालने की तैयारी हो रही थी। वेस्टर्न मार्ग स्थित गली नंबर-5 में हुई। हादसे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें इमारत भरभराकर गिरती नजर आ रही है।
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Delhi Building Collapse - फोटो : PTI
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इमारत एक कमर्शियल प्रॉपर्टी थी, जिसकी पहली और दूसरी मंजिल पर कई निजी कार्यालय थे। घटना के समय पास के एक प्लॉट पर बनी रसोई में कुछ मेडिकल छात्र मौजूद थे। जब इमारत का मलबा उस पर गिरा, जिससे रसोई भी ढह गई।
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Delhi Building Collapse - फोटो : PTI
पुलिस के अनुसार रविवार सुबह तक दमकल विभाग, एनडीआरएफ, डीडीएमए और स्थानीय पुलिस की मदद से मलबे से 14 लोगों को बाहर निकाला गया। सभी को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में से एक की पहचान 26 वर्षीय रवि के रूप में हुई है। घायलों में आठ लोगों की पहचान गुरुग्राम के 26 साल के तरुण कुमार, बिहार की 27 साल की साइका खान, सैदुल्लाजाब की 25 साल की नीलम यादव, सैदुल्लाजाब के 24 साल के आदित्य शर्मा, नोएडा के 25 साल के क्षितिज प्रताप, साकेत के 25 साल के अनुज दीक्षित, सैदुल्लाजाब की 25 साल की आस्था और साकेत के 24 साल के विशाल के रूप में हुई है। 

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Delhi Building Collapse - फोटो : PTI
पुलिस ने बताया कि घायलों में ज्यादातर छात्र थे, जो पास में रहने वाले मेडिकल छात्रों के लिए बनी रसोई में खाना खा रहे थे। जब इमारत गिरी, तो कुछ लोग उसके अंदर भी मौजूद थे। अधिकारी ने बताया कि बचाव और तलाशी अभियान अभी भी जारी है, क्योंकि मलबे के नीचे कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है। स्थानीय पुलिस अन्य बचाव टीमों के साथ मिलकर अभी भी काम में जुटी हुई है।

धूल का गुबार छंटते ही सबसे पहले मदद के लिए उठे स्थानीय हाथ
सैदुल्लाजाब में शनिवार रात जब तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, तब कुछ मिनटों तक पूरे इलाके में सिर्फ धूल, चीखें और अफरा-तफरी थी। लेकिन इसी अफरातफरी के बीच सबसे पहले जो चीज दिखाई दी, वह थी स्थानीय लोगों की इंसानियत और हिम्मत। हादसे के कुछ ही मिनटों में आसपास रहने वाले लोग अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे की ओर दौड़ पड़े।
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Delhi Building Collapse - फोटो : PTI
मलबे के भीतर से दबे लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं
जोरदार आवाज सुनकर लोग घबराकर जब घरों से बाहर निकले, लेकिन धूल के गुबार के बीच किसी को समझ में नहीं आया। कई युवक तुरंत मलबे की तरफ भागे। उस समय तक न पुलिस पहुंची थी और न ही दमकल की टीमें। मलबे के भीतर से दबे लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। कोई मदद के लिए पुकार रहा था, तो कोई धीरे-धीरे कराह रहा था। इन्हीं आवाजों ने स्थानीय लोगों को रुकने नहीं दिया। किसी ने हाथों से ईंटें हटानी शुरू कीं, तो कोई लोहे की सरियों को खींचकर रास्ता बनाने लगा।
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Delhi Building Collapse - फोटो : PTI
आसपास की दुकानों और घरों से फावड़े, रॉड और टॉर्च तक उठा लाए गए। स्थानीय निवासी जगदीश बताते हैं कि उस वक्त किसी के दिमाग में अपनी सुरक्षा का ख्याल नहीं था। इसी दौरान मलबे में दबे कुछ लोगों ने आवाज देकर अपनी मौजूदगी का संकेत दिया। लोगों ने तेजी दिखाई और राहत एजेंसियों के पहुंचने से पहले ही तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाहर निकलते ही घायल दर्द से कराह रहे थे, लेकिन जिंदा होने की राहत उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। 
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Delhi Building Collapse - फोटो : PTI
आसपास खड़े लोग तुरंत पानी लेकर दौड़े और किसी ने एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन मिलाना शुरू कर दिया। भीम नाम के एक स्थानीय निवासी कहते हैं कि हादसे के बाद वहां ऐसा माहौल था जिसमें हर कोई एक-दूसरे का सहारा बन गया था। कोई घायल को संभाल रहा था, कोई रास्ता खाली करवा रहा था, तो कोई लगातार मलबे में फंसे लोगों को आवाज दे रहा था कि हिम्मत मत हारो, हम निकाल रहे हैं।
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Delhi Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
सैदुल्लाजाब समेत चार गांवों की कमेटी के प्रधान रविंद्र सिंह ने बताया कि इमारत में विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। यहां कॉफी हाउस, कैफे, कोचिंग सेंटर, पीजी और कैंटीन चल रही थीं। उन्होंने बताया कि हादसे के समय कैंटीन में छात्र भोजन कर रहे थे, जिससे अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका बनी हुई है।
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