भले ही अफसरशाही महिला सुरक्षा के तमाम दावे करती हो, लेकिन हकीकत कोसों दूर है। दिल्ली में प्रतिदिन छह महिलाएं दुष्कर्म का शिकार होती हैं और करीब नौ से छेड़छाड़ की जाती है। यह तो वह आंकड़े हैं जिनमें शिकायत दर्ज कराई गई। स्याह सच यह भी है कि ज्यादातर महिलाएं लोकलाज के कारण शिकायत करने थाने तक नहीं जाती हैं।
राजधानी में दुष्कर्म और छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं पर दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की ओर से रोकथाम के लिए उठाए गए कदम से महिलाओं में जागरूकता आई है। महिलाएं पहले शोषण होने के बावजूद शिकायत नहीं करती थी। वह अब थाने पहुंचकर या अन्य माध्यमों के जरिये इसकी शिकायत कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 90 फीसदी से ज्यादा मामलों में पीड़िता के जानकार ही उनकी आबरू के साथ खिलवाड़ करते हैं। सिर्फ चार फीसदी से भी कम मामलों में अनजान शख्स महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामलों में शामिल पाए गए हैं।
वारदात दर्ज करने के बाद पुलिस ने करीब 80 फीसदी मामले को सुलझा लिया है। छेड़छाड़ के मामलों पर कार्रवाई करने में पुलिस पीछे नहीं है।
वर्ष दुष्कर्म
2019 1176
2018 1185
2017 2146
2016 2155
2015 2199
2014 2166
2013 1636
वर्ष छेड़छाड़
2019 1589
2018 1780
2017 3422
2016 4165
2015 5367
2014 4322
2013 3515
नोट : 2018-19 में दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आंकड़े 15 जुलाई तक के ही हैं।
पुलिस द्वारा उठाए गए कुछ कदम
-दिल्ली पुलिस ने अपने सभी थानों में 24 घंटों सातों दिन महिला हेल्प डेस्क खोली थी। महिला हेल्पडेस्क पर अलग से फोन नंबर लगाए गए।
-सीमा विवाद का खत्म कर अब दुष्कर्म या छेड़छाड़ पीड़िता दिल्ली के किसी भी थाने में अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैै।
-महिलाओं की शिकायत को सिर्फ महिला अधिकारी ही सुनती हैं।
-एक स्पेशल सीपी को नोडल अफसर नियुक्त कर महिलाओं के लिए काम कर रही एनजीओ के साथ बैठक करने का दिया गया आदेश।
-छेड़छाड़ की घटनाओं को देखते हुए स्कूलों और गर्ल्स कॉलेज के बाहर पीसीआर वैन और बीट कांस्टेबलों की तैनाती की गई।
-हिम्मत ऐप शुरू की गई और इसके जरिये महिलाएं कभी भी मदद मांग सकती हैं।
-दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अंधेरे वाले स्थानों की पहचान कर प्रशासन से वहां लाइट की व्यवस्था करवाई और वहां गश्त बढ़ाई गई है।
-दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की मदद के लिए ऑल वूमेन पीसीआर शुरू की। फिलहाल राजधानी में अलग-अलग जगहों पर 10 महिला पीसीआर वैनों को तैनात किया गया।