दिल्ली सरकार ने उन छह हाथियों की तलाश शुरू कर दी है जो रहस्यमय ढंग से गायब हो गए हैं। हाथियों के गायब होने के बाद सरकार ने उन महावतों के लाइसेंस भी रद्द कर दिए हैं जिनके पास से ये हाथी गायब हुए हैं।
गौरतलब है कि महावतों को वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत लाइसेंस दिए गए थे। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ वार्डेन अनिल कुमार शुक्ला ने अपनी हालिया जांच में पाया कि दिल्ली से छह हाथी गायब हैं।
सरकार ने इन हाथियों की खोज के लिए डॉ. सुरेश बक्शी के नेतृत्व में एक दल का गठन कर दिया है।
एक शिकायत ने किया खुलासा
असल में इस मामले के सामने आने का कारण एक शिकायत बताई जाती है। विभाग के पास जानवरों के बेतुके देखभाल की शिकायतें लगातार आ रही थीं। इस मामले में आगे बढ़ने पर हाथियों के गायब होने का मामला भी प्रकाश में आया।
जांच में सामने आया कि राजधानी से छह हाथी लापता हैं। वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के मुताबिक दिल्ली के संगम विहार इलाके में कुल 14 हाथी हैं। जब इनकी गिनती शुरू की गई तो सामने आया कि छह हाथी लापता हैं।
महावतों ने नहीं दिया संतोषजनक जवाब
असल में इन छह हाथियों को रखने वाले महावतों ने इस सवाल का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया कि छह हाथी कहां हैं। इस दौरान इन हाथियों को खोजने का काम जारी है। दिल्ली के बाहरी इलाकों में भी इन्हें तलाशा जा रहा है।
एक अधिकारी के मुताबिक इनमें से कुछ के मौत की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि शक इस बात पर भी है कि इन हाथियों को दूसरे राज्यों में ले जाकर बेच दिया गया हो।
कॉमनवेल्थ गेम्स ने पहुंचाया नुकसान
हाथियों को रखने वाले महावतों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। जल्द ही इनके खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी। विभाग के मुताबिक 2009 में दिल्ली में कुल 24 हाथी थे।
दिल्ली में हाथियों के रहने के लिए आईटीओ ब्रिज के पास ढिकाने बनाए गए थे। 2010 में आयोजित कॉमनेवेल्थ गेम्स के दौरान इन्हें काफी नुकसान हुआ।