ग्रेटर नोएडा और नोएडा की हवा काफी प्रदूषित हो गई है। ग्रेप लागू होने के बाद रविवार को पहली बार दोनों शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक रेड जोन में 300 के पार पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने हवा थमने और पराली के धुएं की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ने का दावा किया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक तीन दिनों तक वायु प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने ग्रेनो का एक्यूआई 400 के पार पहुंचने की आशंका जताई है।
ग्रेनो वेस्ट से अधिक रहा ग्रेनो का एक्यूआई
ग्रेनो के नॉलेज पार्क तीन और ग्रेनो वेस्ट के नॉलेज पार्क 5 में वायु प्रदूषण मॉनिटरिंग स्टेशन है। अब तक ग्रेनो वेस्ट का एक्यूआई ग्रेटर नोएडा से अधिक रहता था, लेकिन रविवार को ग्रेनो का एक्यूआई अधिक रहा है। शाम चार बजे ग्रेनो का एक्यूआई 363 और ग्रेनो वेस्ट का एक्यूआई 344 रहा था।
सड़कों पर उड़ रही धूल जगह-जगह जल रहा कूड़ा
ग्रेटर नोएडा में ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यहां की सड़कों पर धूल उड़ रही है। जबकि जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार रोकथाम के उपाय नहीं कर रहे हैं। धूल उड़ने वाली जगहों पर पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अफसर परेशान हैं।
उनका कहना है कि प्राधिकरण जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहा है। इस संबंध में पत्र भेजा जाएगा। वहीं दोनों विभाग की अनदेखी से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कुलेसरा में हिंडन पुल के पास दादरी-सूरजपुर-छलेरा मार्ग पर रविवार सुबह काफी मात्रा में मिट्टी पड़ी थी। जो वाहनों के कारण हवा में उड़ रही थी।