दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आचार संहिता के लागू होने के बाद मेट्रो में राजनीतिक विज्ञापनों पर चुनाव आयोग की रोक के फैसले को बरकरार रखा है।
चुनाव आयोग के इस फैसले को एक निजी विज्ञापन एजेंसी ने चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव करवाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता के दौरान मेट्रो परिसर और मेट्रो ट्रेनों में राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाने का फैसला उचित है।
कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि राज्य या पब्लिक क्षेत्र उपक्रमों में चुनाव आचार संहिता के दौरान राजनीतिक विज्ञापनों से किसी राजनीतिक दल का समर्थन व प्रचार करते विज्ञापनों से मतदाता प्रभावित ना हों। कोर्ट ने कहा की मुक्त, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए चुनाव आयोग का यह निर्णय सांविधानिक है।