बेघर, ट्रांसजेंडर, सेक्स वर्करों और विस्थापित लोगों तक पहुंचने के लिए विशेष शिविर, 3.88 लाख नए फॉर्म मिले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अब केवल तीन दिन शेष हैं। 30 अक्तूबर तक चलने वाले इस चरण में निर्वाचन कार्यालय ने अधिक से अधिक पात्र लोगों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर, सेक्स वर्करों और ध्वस्त कॉलोनियों से विस्थापित लोगों तक पहुंचने के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं। मसौदा मतदाता सूची जारी होने के बाद अब तक 3.88 लाख नए फॉर्म प्राप्त हुए हैं।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, मतदाता सूची में तार्किक विसंगतियों और मैपिंग नहीं होने से संबंधित 33.14 लाख नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 31.26 लाख मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। यह कुल नोटिसों का 94.34 प्रतिशत है।
वंचित वर्गों तक पहुंचने की पहल
निर्वाचन कार्यालय ने उन वर्गों को प्राथमिकता दी है, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के रैन बसेरों में विशेष शिविर लगाकर बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों के फॉर्म भरवाए गए। इसके अलावा बेला एथलीट, जेलरवाला बाग, नरेला, बवाना, मंगोलपुरी और वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र सहित उन स्थानों पर भी शिविर लगाए गए, जहां से कॉलोनियां हटाए जाने या ध्वस्त किए जाने के कारण लोग विस्थापित हुए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रभावित लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में मदद देना है।
मसौदा सूची में 97.53 लाख मतदाता
एसआईआर शुरू होने के समय दिल्ली की मतदाता सूची में 1,45,10,299 मतदाता दर्ज थे। 31 अगस्त को प्रकाशित मसौदा सूची में 97,53,577 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए। इनमें 49,88,993 पुरुष, 47,64,137 महिलाएं और 447 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। शुरुआती सूची और मसौदा सूची के बीच करीब 47.57 लाख नामों का अंतर है। हालांकि, इसे अंतिम रूप से हटाए गए मतदाताओं की संख्या नहीं माना जा सकता, क्योंकि पुनरीक्षण के दौरान सत्यापन, दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया जारी रहती है।
चार दिसंबर को अंतिम सूची
पुनरीक्षण कार्य में 13 जिला निर्वाचन अधिकारी, 70 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), 902 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) और 14,947 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) जुटे हैं। राजनीतिक दलों के 33,226 बूथ लेवल एजेंट भी इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्तूबर है। प्राप्त मामलों का निस्तारण 30 नवंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची चार दिसंबर को प्रकाशित होगी।