फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटबंदीः एक्सिस बैंक की चांदनी चौक शाखा के 44 खातों में 100 करोड़ जमा कराए

Sat, 10 Dec 2016 12:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
बैंक में छापा - फोटो : ANI
विज्ञापन
नोटबंदी के बाद काले धन को सफेद बनाने को लेकर सवालों में घिरी एक्सिस बैंक की चांदनी चौक शाखा के 44 फर्जी खातों में 100 करोड़ रुपये जमा कराए जाने का मामला सामने आया है।
विज्ञापन

  इसकी जांच के लिए आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को इस शाखा का सर्वे किया। एक्सिस बैंक का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार कुछ खाते खोलकर उनमें भारी रकम जमा करवाई गई। बैंक ने ही 100 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि की आशंका जताई है। सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग ने बैंक के मैनेजर से पूछताछ की है।
सूत्रों ने बताया कि आयकर अधिकारियों ने बैंक की चांदनी चौक शाखा का दौरा किया और जांच में पाया कि आठ नवंबर के बाद कई खातों में भारी रकम जमा करवाई गई। सर्वे ऑपरेशन के दौरान बैंक के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन

विज्ञापन

नोटबंदी के बाद खातों में भारी रकम जमा की गई

नोटबंदी में मिली राहत - फोटो : अमर उजाला
ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं जिसमें नोटबंदी के बाद खातों में भारी रकम जमा की गई। इनकी जांच की जा रही है। उधर, एक्सिस बैंक ने कहा है कि वह इस मामले में जांच एजेंसियों का सहयोग कर रहा है।   उसने एक बयान में कहा है कि बैंक कारपोरेट गवर्नेंस के उच्चतम मानक का पालन करता है और वह तय कार्यप्रणाली से किसी भी कर्मचारी के भटकाव को बिल्कुल बर्दास्त नहीं करता। दिशानिर्देशों से भटकने के दोषी पाए गए किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  बैंक ने कहा कि आयकर विभाग के अधिकारी कुछ खातों की जांच कर रहे हैं। ये खाते संदिग्ध लगते हैं क्योंकि इन्हें फर्जी केवाईसी (नो योर कस्टमर) यानी फर्जी दस्तावेज के आधार पर खोले गए थे। ऐसा संदेह जताया जा रहा है कि कुछ एंट्री ऑपरेटरों ने इन खातों का इस्तेमाल धन जमा करने के लिए किया।
  बैंक ने कहा कि करीब 100 करोड़ रुपये की राशि संदिग्ध लगती है। नोटबंदी के बाद से बैंक की इस कश्मीरी गेट शाखा पर आयकर विभाग की नजर टिकी हुई है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग की जांच के दौरान इस शाखा के दो मैनेजरों और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें